नई दिल्ली. देश में इस साल खरीफ सीजन के दौरान मक्का (Maize) की बुवाई में गिरावट दर्ज की गई है। 17 जुलाई तक मक्का की बुवाई 67.89 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 5 प्रतिशत कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर मानसून, कई इलाकों में कम बारिश और El Niño जैसी मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण किसानों को समय पर बुवाई करने में परेशानी हुई है।
कुछ राज्यों में बढ़ी बुवाई, कई बड़े राज्यों में आई गिरावट
हालांकि पूरे देश में बुवाई घटी है, लेकिन सभी राज्यों की स्थिति एक जैसी नहीं है। मध्य प्रदेश में मक्का की बुवाई 23 प्रतिशत बढ़कर 23.37 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर गिरावट का असर कुछ हद तक कम हुआ है।
वहीं कर्नाटक में सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि महाराष्ट्र में मक्का की बुवाई 5.1 प्रतिशत घटकर 9.59 लाख हेक्टेयर रह गई। इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी बुवाई कम हुई है। दूसरी ओर आंध्र प्रदेश और बिहार में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।
पशु आहार और पोल्ट्री उद्योग पर पड़ सकता है असर
मक्का का सबसे ज्यादा उपयोग Poultry Feed और Livestock Feed बनाने में होता है। ऐसे में बुवाई कम होने से आने वाले महीनों में इन उद्योगों के सामने कच्चे माल की उपलब्धता की चुनौती खड़ी हो सकती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश में देरी के कारण इस बार मक्का की फसल सामान्य समय से करीब एक महीने बाद तैयार हो सकती है। जहां आमतौर पर नई फसल पहले बाजार में आने लगती है, वहीं इस बार इसकी आवक दिसंबर से शुरू होने की संभावना है।
सोयाबीन की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
विशेषज्ञों के अनुसार मौसम के अलावा बाजार भाव भी किसानों के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से Soybean के दाम मक्का की तुलना में बेहतर रहे हैं। वहीं कई बार मक्का की कीमत Minimum Support Price (MSP) से भी नीचे रही, जिसके कारण कुछ किसानों ने मक्का की जगह सोयाबीन की खेती को प्राथमिकता दी है।
आने वाले महीनों में कीमतों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उत्पादन में कमी रहती है तो घरेलू बाजार में मक्का की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर Feed Manufacturing और पोल्ट्री उद्योग की लागत पर पड़ेगा। वहीं Ethanol Industry भी मक्का की बड़ी उपभोक्ता है, इसलिए उत्पादन और उपलब्धता आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेगी।

