नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला उत्पादन अनुमान, स्टॉक उपलब्धता और कीमतों की समीक्षा के बाद लिया गया है।
गेहूं उत्पादन और बुवाई में बढ़ोतरी
Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution के अनुसार, रबी 2026 सीजन में गेहूं की बुवाई बढ़कर 334 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गई है, जबकि पिछले साल यह लगभग 328 लाख हेक्टेयर थी। सरकार ने बताया कि यह बढ़ोतरी किसानों के बढ़ते भरोसे और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तथा मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था का परिणाम है।
उत्पादन अनुमान में मजबूत स्थिति
सरकारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2025-26 में गेहूं उत्पादन: 1202 लाख मीट्रिक टन, यह देश में पर्याप्त आपूर्ति स्थिति को दर्शाता है।पहले भी हो चुका है निर्यात सरकार पहले ही कई चरणों में निर्यात की अनुमति दे चुकी है।
जनवरी में: 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पाद
फरवरी में: 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पाद और 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं
अब नए फैसले के बाद कुल निर्यात अनुमति:
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं
10 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पाद
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य है
बाजार में तरलता (liquidity) बढ़ाना
स्टॉक प्रबंधन को बेहतर बनाना
फसल आने के समय किसानों की मजबूरी में बिक्री (distress sale) रोकना
घरेलू कीमतों को स्थिर रखना
किसानों की आय में बढ़ोतरी करना
किसानों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन
Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution ने कहा कि सरकार लगातार संतुलित नीति अपना रही है ताकि:
किसानों को बेहतर दाम मिलें
उपभोक्ताओं को भी उचित कीमत पर अनाज उपलब्ध रहे
देश की खाद्य सुरक्षा (food security) बनी रहे
यह फैसला दिखाता है कि सरकार उत्पादन बढ़ोतरी और मजबूत स्टॉक स्थिति का फायदा किसानों को देना चाहती है, साथ ही घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने पर भी जोर दे रही है।
