नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। यह बयान Ministry of Petroleum and Natural Gas की ओर से आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद कीमतें बढ़ने की अटकलों को पूरी तरह नकार दिया गया।
चार साल से स्थिर हैं कीमतें
सरकार के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम पिछले चार वर्षों से स्थिर हैं। हालांकि इस दौरान पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में पिछले दो महीनों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
क्या कहा अधिकारी ने?
मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा:
“पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ाने की जो खबरें चल रही थीं, वे पूरी तरह अफवाह हैं।
अफवाहों से बढ़ी घबराहट, कई जगह पैनिक बाइंग
अफवाहों के चलते कुछ राज्यों, खासकर आंध्र प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने घबराकर बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदना शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 400 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया।
कुछ जगहों पर मांग 30-33% तक बढ़ गई
सरकार ने बताया कि वह राज्य सरकारों के संपर्क में है और जिन पेट्रोल पंपों पर ज्यादा भीड़ है, वहां सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
पर्याप्त है ईंधन का स्टॉक
सरकार ने आश्वासन दिया कि देश में सभी प्रकार के ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है:
पेट्रोल
डीजल
एलपीजी (रसोई गैस)
एटीएफ (Aviation Turbine Fuel)
नुकसान झेल रही हैं सरकारी कंपनियां
हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां बाजार दर से कम कीमत पर पेट्रोल-डीजल बेच रही हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। कुछ अनुमानों के मुताबिक:
रोजाना लगभग ₹2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है
विश्लेषकों ने पहले अनुमान लगाया था कि चुनाव के बाद कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
सरकार की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है:
अफवाहों पर विश्वास न करें
घबराकर खरीदारी (Panic Buying) से बचें
केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में 2026 Indian state assembly elections का दौर चल रहा है और ईंधन कीमतों को लेकर संवेदनशील माहौल बना हुआ है।

