नई दिल्ली. भारत में विदेशी फलों और सब्जियों की मांग पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, 2016-17 से 2025-26 के बीच भारत के फलों और सब्जियों के आयात की मात्रा 114.39% बढ़कर 1.78 अरब डॉलर से 3.82 अरब डॉलर हो गई। इसी दौरान आयात की मात्रा भी करीब 84.15% बढ़कर 11.22 लाख टन से 20.66 लाख टन हो गई। यह आंकड़े डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स (DGCI&S) के हैं।
अमेरिका से आयात बढ़ाया, पाकिस्तान की तरफ से खत्म
पिछले 10 सालों में अमेरिका भारत के लिए फलों और सब्जियों का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बना है। अमेरिका से आयात की मात्रा 2016-17 में करीब 0.67 अरब डॉलर थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1.45 अरब डॉलर हो गई। इसी दौरान आयात की मात्रा 1.90 लाख टन से बढ़कर 3.32 लाख टन हो गई।
वहीं, पाकिस्तान से भारत का फल और सब्जियों का आयात पूरी तरह खत्म हो गया। 2016-17 में पाकिस्तान ने भारत को करीब 1.66 लाख टन फल और सब्जियों का निर्यात किया था, जिसकी कीमत लगभग 128 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद लगातार इसमें गिरावट आई और 2025-26 में पाकिस्तान से कोई निर्यात नहीं हुआ।
चीन से आयात में 50% से ज्यादा की गिरावट
चीन से भारत के फल और सब्जियों के आयात में भी पिछले दशक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 2016-17 में चीन ने भारत को करीब 2.13 लाख टन फल और सब्जियों का आयात किया था, जिसकी कीमत 176.95 मिलियन डॉलर थी। 2025-26 में यह मात्रा 1.03 लाख टन और कीमत 82.63 मिलियन डॉलर रह गई।
इस तरह चीन से आयात की मात्रा में 53.3% और मात्रा में करीब 51.53% की कमी आई है। हालांकि, गिरावट के बावजूद चीन अब भी भारत को एक लाख टन से ज्यादा फल और सब्जियां निर्यात कर रहा है।
भारत का एक्सपोर्ट भी लगातार बढ़ रहा है
विदेशी फलों और सब्जियों का इम्पोर्ट बढ़ने के साथ भारत के हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि भारत का फल और सब्जियों का व्यापार पिछले सालों में मजबूत बना हुआ है और देश लगातार इस क्षेत्र में नेट एक्सपोर्टर रहा है।
2016-17 में भारत से फलों और सब्जियों का एक्सपोर्ट करीब 2.45 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 3.93 अरब डॉलर हो गया। एक्सपोर्ट वॉल्यूम भी इसी अवधि में करीब 49.5 लाख टन से बढ़कर 58.2 लाख टन पहुंच गया।
कई देशों से बढ़ रहा भारत का इम्पोर्ट
अमेरिका के अलावा अफगानिस्तान, UAE, ईरान, चिली, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और साउथ अफ्रीका भारत के प्रमुख फल और सब्जियों के एक्सपोर्टर्स में शामिल हैं। मात्रा के लास से UAE, इराक, ईरान, साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान, चीन, मिस्र, चिली और वियतनाम जैसे देश प्रमुख पैकेट हैं।
नए देशों की बढ़ रही छुट्टियां
पिछले एक दशक में कई नए देशों ने भारत के इम्पोर्टेड फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स मार्केट में अपनी छुट्टियां बढ़ाई हैं। केन्या, जॉर्डन, बांग्लादेश, सर्बिया, ताइवान, UAE, वियतनाम, क्रोएशिया, पेरू और इंडोनेशिया ने अपनी एक्सपोर्ट वैल्यू शेयर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
वहीं, इंडोनेशिया, तुर्की, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश, पोलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, तंजानिया, इटली और जर्मनी से भारत को होने वाले फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ग्लोबल एग्रीकल्चरल ट्रेड में मजबूत हो रही भारत की स्थिति
आंकड़े बताते हैं कि भारत में इम्पोर्टेड फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स की मांग बढ़ने के साथ देश के हॉर्टिकल्चरल एक्सपोर्ट भी मजबूत हुए हैं। सरकार के अनुसार, बढ़ते इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट फ्लो भारत के ग्लोबल एग्रीकल्चरल मार्केट के साथ बढ़ते इंटीग्रेशन को दर्शाते हैं। एक्सपोर्ट में लगातार बढ़ोतरी के कारण भारत ने फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स ट्रेड में अपना पॉजिटिव ट्रेड बैलेंस भी बनाए रखा है।
