नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के समापन के लिए 29 नवंबर को दिल्ली में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारी कर रहा है। इस कार्यक्रम को संघ के सालभर चले ‘एकत्रीकरण’ अभियान की अंतिम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का अंतिम स्थान आधिकारिक तौर पर तय नहीं किया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, आयोजन में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के RSS गणवेश में शामिल होने और लगभग 50 हजार आमंत्रित नागरिकों के पहुंचने की योजना बताई गई है।
मोहन भागवत संघ की 100 साल की यात्रा पर रखेंगे बात
कार्यक्रम में मोहन भागवत के RSS की अब तक की यात्रा और मौजूदा समय में देश के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों पर संबोधन की संभावना है। भागवत ने इससे पहले भी सार्वजनिक व्याख्यानों के जरिए संघ के विचारों और विभिन्न मुद्दों पर उसका रुख सामने रखा है। अगस्त 2025 में उन्होंने दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला में RSS के 100 साल के सफर पर बात की थी।
देशभर में चला एकत्रीकरण अभियान
RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों को अलग-अलग स्थानों पर एकत्र करने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। संघ की योजना में ‘प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन’, ‘गृह संपर्क’ और ‘हिंदू सम्मेलन’ जैसे कार्यक्रम शामिल रहे। इनके जरिए पेशेवरों, शिक्षाविदों और समाज के अन्य वर्गों से संपर्क करने के साथ संगठन की गतिविधियों और विचारों से लोगों को परिचित कराने का प्रयास किया गया।
सामाजिक समरसता पर भी रहा जोर
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में सामाजिक समरसता को भी प्रमुख विषय के तौर पर शामिल किया गया। संघ की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में ‘सामाजिक सद्भाव बैठकें’ आयोजित की गईं। इसके अलावा ‘पंच परिवर्तन’ को भी शताब्दी वर्ष के एजेंडे का हिस्सा बनाया गया, जिसमें सामाजिक समरसता, परिवार जागरूकता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी जैसे विषय शामिल हैं।
विदेशों में भी हुआ शताब्दी वर्ष का आउटरीच
RSS के शताब्दी कार्यक्रम केवल भारत तक सीमित नहीं रहे। संगठन की ओर से विदेशों में भी संपर्क और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। अगस्त-सितंबर 2026 में मोहन भागवत ने अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन का दौरा किया। RSS के मुताबिक, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सामाजिक समरसता, साझा मूल्यों और सामुदायिक संवाद से जुड़े विषयों पर चर्चा करना था।
29 नवंबर का कार्यक्रम शताब्दी वर्ष की अंतिम कड़ी
संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में होने वाला यह सार्वजनिक कार्यक्रम पूरे साल चले स्वयंसेवकों के ‘एकत्रीकरण’ अभियान की अंतिम कड़ी होगा और इसके साथ शताब्दी वर्ष के आयोजनों का समापन किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के शामिल होने की तैयारी है। आयोजन के दौरान मोहन भागवत का संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे RSS के 100 साल पूरे होने के बाद संगठन की गतिविधियों और प्राथमिकताओं से जुड़े विषय सामने आ सकते हैं।
