नई दिल्ली. बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। Samrat Choudhary को भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया है, जिसके बाद वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे आयोजित होगा।
यह बदलाव तब हुआ जब Nitish Kumar ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वे राज्यसभा की ओर बढ़े हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिससे सम्राट चौधरी के लिए रास्ता साफ हो गया।
केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan, जिन्हें विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया था, ने पुष्टि करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया है।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
Samrat Choudhary बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 2025 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था। वे कोइरी (ओबीसी) समुदाय से आते हैं, जो बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली सामाजिक समूह माना जाता है। सम्राट चौधरी को Narendra Modi और Amit Shah का करीबी माना जाता है। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनके पिता Shakuni Choudhary सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं, जबकि उनकी मां पार्वती देवी भी विधायक रही हैं।
राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1990 के दशक में Lalu Prasad Yadav के साथ की थी। 1999 में Rabri Devi की सरकार में वे कृषि मंत्री बने।
2000 में पहली बार विधायक चुने गए
2010 में दोबारा विधानसभा पहुंचे
2014 में RJD छोड़कर Jitan Ram Manjhi सरकार में शामिल हुए
2017 में BJP जॉइन की और तेजी से संगठन में उभरे
2020 में विधान परिषद सदस्य बने
2022 में नेता प्रतिपक्ष बने
2023 में बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुए
आक्रामक राजनीति और चर्चित वादा
सम्राट चौधरी अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक प्रतीकात्मक संकल्प लिया था कि जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हटेंगे नहीं, तब तक वह अपनी पगड़ी नहीं उतारेंगे। जुलाई 2024 में अयोध्या में सरयू नदी में स्नान के बाद उन्होंने यह संकल्प पूरा किया।
हालिया भूमिका
जनवरी 2024 में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री बने और 2025 में NDA की सरकार बनने के बाद गृह विभाग जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। अब मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही सम्राट चौधरी के सामने कानून-व्यवस्था, रोजगार और विकास जैसे बड़े मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।
