नई दिल्ली. भारती जनता पार्टी ने गुरुवार को संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin की ओर से यह फैसला लिया गया, जबकि इसकी आधिकारिक जानकारी महासचिव Arun Singh ने जारी की।
दिल्ली BJP की कमान हर्ष मल्होत्रा को
Harsh Malhotra को दिल्ली बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वह मौजूदा अध्यक्ष Virendra Sachdeva की जगह लेंगे। हर्ष मल्होत्रा पहली बार सांसद बने हैं और फिलहाल कॉरपोरेट अफेयर्स तथा सड़क परिवहन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में पूर्व क्रिकेटर Gautam Gambhir की जगह पूर्वी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।
पंजाब BJP को मिला नया सिख चेहरा
Kewal Singh Dhillon को पंजाब बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने Sunil Jakhar की जगह ली है।
केवल सिंह ढिल्लों लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और पूर्व मुख्यमंत्री Captain Amarinder Singh के करीबी माने जाते हैं। वह 2022 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
2027 चुनाव से पहले पंजाब में बड़ा दांव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पंजाब में सिख चेहरे को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। ढिल्लों ने नियुक्ति के बाद कहा कि 2027 में पंजाब में बीजेपी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ वह पूरी मेहनत करेंगे।
हरियाणा BJP की जिम्मेदारी अर्चना गुप्ता को
Archana Gupta को हरियाणा बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने Mohan Lal Badoli की जगह ली है।
पानीपत की रहने वाली अर्चना गुप्ता इससे पहले हरियाणा बीजेपी की प्रदेश महासचिव थीं।
त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को मिली कमान
Abhishek Debroy को त्रिपुरा बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने Rajib Bhattacharjee की जगह ली है।
अभिषेक देबरॉय ने 2023 विधानसभा चुनाव में माताबारी सीट से जीत दर्ज की थी।
सुनील जाखड़ ने जताया आभार
पूर्व पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने कार्यकाल को सम्मान और जिम्मेदारी से भरा बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया।
संगठन मजबूत करने की तैयारी में BJP
बीजेपी का यह संगठनात्मक फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों और राज्यों में राजनीतिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

