नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा आयोजित Saras Aajeevika Food Festival 2025 का शुभारंभ कल (1 दिसंबर 2025) नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में होने जा रहा है। ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इस आयोजन का उद्घाटन करेंगे।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट सम्मानित अतिथि
श्री शिवराज सिंह चौहान – ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री (मुख्य उद्घाटनकर्ता)
अन्नपूर्णा देवी – महिला एवं बाल विकास मंत्री (गेस्ट ऑफ ऑनर)
डॉ. चंद्रशेखर पेम्मसानी – ग्रामीण विकास और संचार राज्यमंत्री
श्री कमलेश पासवान – ग्रामीण विकास राज्यमंत्री
फूड फेस्टिवल का स्थान और समय
स्थान: सुंदर नर्सरी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स मार्ग, निजामुद्दीन, नई दिल्ली (हुमायूं के मकबरे के पास)
तारीख: 1 दिसंबर से 9 दिसंबर 2025 तक
समय: सुबह 11:30 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहेगा
महिला उद्यमिता की मिसाल: 25 राज्यों की भागीदारी
इस फूड फेस्टिवल में देशभर से:
300 ‘लखपति दीदी’ (महिला उद्यमी)
62 स्टॉल
25 राज्य
भाग ले रहे हैं। इनमें से 50 स्टॉल लाइव फूड सर्व करेंगे, जबकि 12 स्टॉल पर ऑर्गेनिक और नैचुरल फूड प्रोडक्ट्स उपलब्ध होंगे।
उद्देश्य: संस्कृति, स्वाद और सशक्तिकरण
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत इस आयोजन का मकसद ग्रामीण महिलाओं को:
स्किल डेवलपमेंट
मार्केट लिंक
आर्थिक स्वावलंबन
भारत की खाद्य संस्कृति का प्रचार
से जोड़ना है। यह उत्सव ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता और उनके पारंपरिक व्यंजनों को राजधानी में प्रस्तुत करेगा।
500 से ज्यादा व्यंजनों का भव्य स्वाद संगम
इस संस्करण में टूरिस्टों को विभिन्न देशों के पारंपरिक स्वाद का अनुभव प्राप्त होगा। आकर्षण में शामिल हैं: हिमाचली सिद्दू, उत्तराखंड की तंदूर चाय, जम्मू-कश्मीर की कलारी कुल्चा, हैदराबादी दम बिरयानी, उत्तर पूर्वी मोमोज, बंगाली तली हुई मछली, राजस्थान केर सांगरी, गट्टे की सब्जी और बाजरे की रोटी, मालाबार बिरयानी (केरल), पंजाब का सरसों का साग और मक्की की रोटी, बिहार की लिट्टी चोखा और कई अन्य क्षेत्रीय व्यंजन।
भाग लेने वाले राज्य
उत्तर प्रदेश | उत्तराखंड | असम | अरुणाचल प्रदेश
बिहार | पंजाब | राजस्थान | गुजरात | महाराष्ट्र
जम्मू-कश्मीर | गोवा | झारखंड | केरल | तेलंगाना
पश्चिम बंगाल | हिमाचल प्रदेश | तमिलनाडु | हरियाणा आदि
दिल्लीवालों के लिए खास मौका
इस फूड फेस्टिवल में आने वाले लोगों को:
भारत की विविध खाद्य संस्कृति का स्वाद
पारंपरिक व्यंजनों से जुड़ी कहानियों का अनुभव
ग्रामीण महिलाओं से मिलने एवं उन्हें प्रेरित करने का अवसर मिलेगा।
