नई दिल्ली. राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण की मतगणना के बाद गांवों को नए सरपंच मिलने लगे हैं। कई ग्राम पंचायतों में उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां जीत और हार का अंतर महज कुछ वोट रहा। वहीं, कुछ पंचायतों में विजेताओं ने बड़ी बढ़त के साथ सरपंच पद पर कब्जा जमाया। जोधपुर, जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में आए नतीजों में कहीं तीन वोट से जीत तय हुई, तो कहीं उम्मीदवारों ने सैकड़ों और एक हजार से ज्यादा मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: पहले चरण में कहां-कहां हुई वोटिंग?
राजस्थान में पंच और सरपंच पदों के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण के तहत 24 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ था। मतदान के बाद स्थानीय स्तर पर मतगणना शुरू हुई और 25 अक्टूबर को कई पंचायतों के परिणाम सामने आए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस चरण में अब तक 1,381 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के नतीजे घोषित होने की जानकारी दी गई थी।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, दूसरे चरण का मतदान 30 अक्टूबर, तीसरे चरण का 5 नवंबर और चौथे चरण का मतदान 16 नवंबर 2026 को होना निर्धारित है। इस तरह अलग-अलग चरणों में गांवों की नई पंचायतों का गठन होगा।
जोधपुर के राजगढ़ में बाया ने सिर्फ 3 वोट से जीता चुनाव
जोधपुर जिले की बालेसर पंचायत समिति की राजगढ़ ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। यहां बाया को 358 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी बिदामी को 355 मत प्राप्त हुए। इस तरह बाया ने महज तीन वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
जोधपुर की सेखाला पंचायत समिति की हापासर ग्राम पंचायत में भी जीत का अंतर केवल तीन वोट रहा। यहां माधु राम ने हिम्मताराम को हराकर सरपंच पद का चुनाव जीता। इन नतीजों ने दिखाया कि पंचायत चुनाव में कुछ मतों का अंतर भी उम्मीदवारों की जीत-हार तय कर सकता है।
विजयनगर में चेतन कंवर 8 वोट से बनीं सरपंच
बालेसर पंचायत समिति की विजयनगर ग्राम पंचायत में भी मुकाबला आखिरी वोटों तक पहुंच गया। यहां चेतन कंवर को 412 वोट मिले, जबकि गुलाब कंवर के खाते में 404 मत आए। चेतन कंवर ने आठ वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
जयपुर जिले की झोटवाड़ा पंचायत समिति की दुर्जनियावास ग्राम पंचायत में भी ऐसा ही करीबी मुकाबला रहा। यहां मंजू को 511 वोट मिले, जबकि सयारी देवी को 508 मत प्राप्त हुए। मंजू ने तीन वोट से जीत दर्ज कर सरपंच पद हासिल किया।
जयपुर में शीला कुमावत ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत
जयपुर जिले की जोबनेर पंचायत समिति की बाबरवालों की ढाणी ग्राम पंचायत में शीला कुमावत ने सरपंच पद का चुनाव जीता। यह सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित थी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, शीला कुमावत को 1,939 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी ममता को 567 मत प्राप्त हुए।
जोबनेर की अन्य ग्राम पंचायतों में भी कई उम्मीदवारों ने बड़ी जीत दर्ज की। हिंगोनिया ग्राम पंचायत में संपत देवी ने 1,248 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि आसलपुर में विमला सरपंच चुनी गईं और उन्होंने 1,053 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। झोटवाड़ा पंचायत समिति की कालवाड़ ग्राम पंचायत में नरेंद्र कुमार मीणा ने 857 वोटों से और पचार ग्राम पंचायत में राजेश कुमार ने 934 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
जयपुर की अन्य पंचायतों में भी घोषित हुए नतीजे
जयपुर जिले की जोबनेर पंचायत समिति की ढिंढा ग्राम पंचायत में जयकुमार कुमावत ने 567 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। भैंसावा में सुंदरी देवी सरपंच चुनी गईं और उनकी जीत का अंतर 736 वोट रहा। भगवतपुरा ग्राम पंचायत में बलवंत चौधरी ने 359 वोटों से जीत हासिल की।
डूंगरी ग्राम पंचायत में लक्ष्मण कुमार मीणा ने कैलाश चंद मीणा को 68 वोटों से हराया। वहीं, दूदू पंचायत समिति की नयागांव ग्राम पंचायत में रेखा गुर्जर 105 वोटों के अंतर से विजयी रहीं। बिंगोलाव ग्राम पंचायत में मेघा ने 95 वोटों से जीत दर्ज की।
जोधपुर में दक्षा की बड़ी जीत, कई उम्मीदवारों को मिले 1,000 से ज्यादा वोट
जोधपुर जिले की आगोलाई पंचायत समिति की भाटेलाई पुरोहितान ग्राम पंचायत में दक्षा ने सरपंच पद का चुनाव जीता। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 1,183 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी अनिता को 248 वोट प्राप्त हुए।
जिले की अन्य पंचायतों में भी कई उम्मीदवारों को एक हजार से ज्यादा मत मिले। भांडू जाटी ग्राम पंचायत में धापूदेवी को 1,190 वोट और सेखाला पंचायत समिति की केतु कलां ग्राम पंचायत में दीनू कंवर को 1,295 वोट मिले। शेरगढ़ में महिपाल सिंह को 1,306 वोट प्राप्त हुए, जबकि राहुल जैन को 1,191 वोट मिले। शेरगढ़ की तेना ग्राम पंचायत में पप्पू कंवर ने 1,215 वोट हासिल किए और उनकी प्रतिद्वंद्वी हेमा कंवर को 1,124 मत मिले।
पंचायत चुनाव में NOTA का भी इस्तेमाल
सरपंच चुनाव में मतदाताओं ने उम्मीदवारों के साथ-साथ NOTA यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प भी चुना। जोधपुर जिले की सेखाला ग्राम पंचायत में 41 मतदाताओं ने NOTA का इस्तेमाल किया। प्रतापगढ़ ग्राम पंचायत में 17 और केतु कलां में 16 वोट NOTA को मिले।
चाबा पंचायत समिति की सोमेसर ग्राम पंचायत में NOTA को 30 मत प्राप्त हुए। शेरगढ़ ग्राम पंचायत में 21 और सोहनगढ़ ग्राम पंचायत में 20 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को वोट देने के बजाय NOTA का विकल्प चुना।
आगे कब होंगे राजस्थान पंचायत चुनाव?
राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अभी कई चरणों में पूरी होनी है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, दूसरे चरण में 30 अक्टूबर, तीसरे चरण में 5 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होना है। हर चरण में मतदान के बाद मतगणना के जरिए परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रदेश की ग्राम पंचायतों में नए निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय प्रशासन और विकास से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

