नई दिल्ली. आज राज्यसभा में कई सदस्यों ने अपने Private Members’ Bills पेश किए। जब सदन दोपहर 2 बजे एकत्र हुआ, तो Upper House ने Private Member’s Resolution पर चर्चा शुरू की।
BJP सांसद धनंजय भीमराव महाडिक ने Kolhapuri Leather Craft (Preservation and Livelihood Security) Bill, 2026 पेश किया। कांग्रेस सांसद रेनुका चौधरी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने योग्य कृषि और किसान संरक्षण विधेयक, 2025 पेश किया।
इसके अलावा, Protection of Children from Sexual Offences Bill, 2024 पर भी चर्चा हुई, जिसे NCP सांसद डॉ. फौज़िया खान ने फरवरी 2025 में प्रस्तुत किया था। यह बिल Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 में संशोधन का प्रस्ताव करता है।
चर्चा में धर्मशिला गुप्ता (BJP) और नॉमिनेटेड सदस्य सुधा मूर्ति सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
बाद में सदन ने Special Mention लिया, जिसमें कई सदस्यों ने जनहित के मुद्दे उठाए। सदन का काम पूरा होने के बाद सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राज्य सभा के निजी सदस्यों के विधेयक और प्रक्रियाएं
Private Members’ Bills का महत्व
ये कानून बनाने के लिए किसी सांसद द्वारा पेश किए जाने वाले विधेयक हैं, जो सरकार के मंत्रियों द्वारा नहीं लाए जाते। इसका उद्देश्य सांसदों को समाज, कृषि, उद्योग, या बच्चों और कमजोर वर्गों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर कानून बनाने का अवसर देना है। हालाँकि, इन बिलों का पास होना अपेक्षाकृत कम होता है, क्योंकि सरकारी विधेयकों को प्राथमिकता दी जाती है।
आज पेश किए गए बिलों का सारांश:
कोल्हापुरी चमड़ा शिल्प (संरक्षण एवं आजीविका सुरक्षा) विधेयक, 2026:
कोल्हापुरी चमड़े के शिल्प को संरक्षित करने और शिल्पकारों के जीवनयापन को सुरक्षित करने के लिए कानून।
जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि और किसान संरक्षण विधेयक, 2025:
किसानों की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित कृषि और उत्पादन को बचाने के उपाय।
बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण विधेयक, 2024
2012 के POCSO एक्ट में संशोधन करने का प्रयास।
बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की सजा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रावधान।
सदन की प्रक्रिया:
Private Members’ Bills विशेष समय पर ही पेश किए जा सकते हैं।
पेश करने के बाद, चर्चा के दौरान सदस्य बिल का समर्थन या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
बिल पास होने के लिए सदन में बहुमत आवश्यक होता है।
विशेष उल्लेख
यह राज्यसभा की एक प्रक्रिया है जिसमें सदस्य जनहित या क्षेत्रीय मुद्दों को उठाते हैं।
इसमें कोई कानून पास नहीं होता, पर मुद्दे सरकार या संबंधित मंत्रालय के ध्यान में आते हैं।
अगली कार्रवाई:
सदन सोमवार तक स्थगित किया गया है। अगले सत्र में इन बिलों पर विस्तृत चर्चा और संभावित मतदान हो सकता है।
