नई दिल्ली. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM-G] की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने योजना के तहत राज्यों को 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। सरकार का कहना है कि इस राशि से राज्यों को मजदूरों की मजदूरी समय पर देने और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
1 जुलाई से पूरे देश में शुरू हुई नई योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में VB-G RAM-G योजना को बिना किसी रुकावट के लागू करने का संकल्प लिया था और खुशी की बात है कि यह योजना पूरे देश में सफलतापूर्वक शुरू हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि पहले लागू रही मनरेगा (MGNREGA) से नई योजना में बदलाव भी बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी के पूरा हुआ है। अब तक किसी राज्य से किसी तरह की बड़ी समस्या की जानकारी नहीं मिली है।
गरीब मजदूरों की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा
बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब मजदूरों की सेवा करना भगवान की सेवा करने जैसा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर मजदूरी देना और गांवों में टिकाऊ विकास कार्य कराना है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ ऐसे विकास कार्य भी हों, जिनका लाभ लंबे समय तक लोगों को मिलता रहे।
पहले ही सप्ताह में लाखों लोगों को मिला रोजगार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना शुरू होने के पहले ही सप्ताह में देश की बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है और लाखों ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिला है।
उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना की, जहां योजना के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
वहीं उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी काम शुरू नहीं हुआ है, वहां जल्द से जल्द शुरुआत की जाए। झारखंड सरकार से भी योजना की अधिसूचना जारी करने और जरूरी बजटीय व्यवस्था करने का आग्रह किया गया।
अब 300 रुपये से कम नहीं होगी मजदूरी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना के तहत मजदूरी दर में औसतन करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाने और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
15 दिन के भीतर मजदूरी देने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों को जारी की गई पहली किस्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मजदूरों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी मिल जाए। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील की कि वे भी समय पर अपनी हिस्सेदारी जारी करें ताकि मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
पैसों की कमी नहीं आने दी जाएगी
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्यों की मांग के आधार पर पहली किस्त जारी की गई है और जरूरत पड़ने पर आगे भी समय पर धन उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करें ताकि गांवों का समग्र विकास हो सके।
पारदर्शिता पर सरकार का विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, जियो टैगिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का पूरी तरह इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार चाहती है कि हर काम पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो।
राज्यों की मदद के लिए बनाए गए विशेष अधिकारी
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्यों को योजना लागू करने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंत्रालय ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को एरिया ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है।
ये अधिकारी राज्यों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे और योजना से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर भुगतान कराना केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की साझा जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पहली किस्त जारी कर दी है, अब राज्यों को भी समय पर अपनी हिस्सेदारी जारी करनी चाहिए ताकि हर पात्र मजदूर को तय समय सीमा के भीतर मजदूरी मिल सके।

