नई दिल्ली. नई दिल्ली में आयोजित Agribusiness Summit 2025 के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में गन्ना उत्पादन 2014 के बाद से 44% तक बढ़ा है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों, तकनीक के उपयोग और किसानों की मेहनत का परिणाम बताया।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम, सरकार लाई विशेष व्यवस्था
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार ने Market Intervention Scheme के तहत प्रावधान किया है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित रूप से मिले।
उन्होंने कहा कि अगर किसान मेहनत करता है, तो उसके पसीने की कीमत भी मिलनी चाहिए। बागवानी फसलों पर बड़ा फैसला: घाटा होने पर सरकार भरेगी अंतर
कृषि मंत्री ने घोषणा की कि यदि बागवानी फसलों की कीमत एक निश्चित स्तर से नीचे चली जाती है,
तो सरकार मॉडल रेट और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर सीधे किसानों के खाते में जमा करेगी।
यह मॉडल सीधे MSP जैसी सुरक्षा देने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
जैविक इनपुट पर सख्ती: 30 हजार से घटकर केवल 8 हजार अनुमोदित निर्माता
मंत्री ने बताया कि Bio-inputs को लेकर सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं।
पहले 30,000 कंपनियां जैविक इनपुट बेच रही थीं, पर जांच के बाद अब केवल 8,000 को ही अनुमति मिली है।
छोटे किसानों के लिए Integrated Farming Model
भारत में औसत भूमि जोत 1 हेक्टेयर से भी कम होने का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि छोटे किसानों को सिर्फ खेती पर निर्भर रहने के बजाय:
Value Addition
पशुपालन
मछली पालन
कृषि विविधिकरण
जैसे मॉडल अपनाने चाहिए, ताकि आय के अलग-अलग स्रोत बन सकें।
“किसान हैं असली वैज्ञानिक”
मंत्री चौहान ने किसानों को “Science का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता” बताया। उन्होंने कहा कि सही बीज, उर्वरक और तकनीक के उपयोग से भारत की कृषि लगातार आगे बढ़ रही है।
सरकार की इन नीतियों और प्रावधानों को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक तकनीक-आधारित, सुरक्षित और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
