नई दिल्ली: केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र के दौरान संसद में बीज अधिनियम, 2026 पेश करने की तैयारी में है। यह विधेयक देश में बीजों की गुणवत्ता से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने और किसानों को नकली, घटिया व अवैध बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।
आज नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई क्षेत्रों में किसान फर्जी या कम गुणवत्ता वाले बीजों के कारण फसल नुकसान का सामना करते हैं, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है।
मंत्री ने कहा कि बीज अधिनियम 2026 के तहत केवल पंजीकृत और प्रमाणित बीजों की ही बिक्री की अनुमति होगी। इसके साथ ही, बीज कंपनियों और विक्रेताओं पर सख्त निगरानी और दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि नया कानून जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके तहत सूखा-सहिष्णु, बाढ़-सहिष्णु और उच्च उत्पादन क्षमता वाली जलवायु-सहनशील बीज किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे बदलते मौसम के बीच भी किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।
बीजों की पूरी ट्रेसबिलिटी होगी अनिवार्य
मंत्री चौहान ने कहा कि इस कानून की एक अहम विशेषता बीजों की पूर्ण ट्रेसबिलिटी होगी। इसके तहत किसान यह आसानी से जान सकेंगे कि:
बीज का उत्पादन कहां हुआ
किस कंपनी या संस्था ने बीज तैयार किया
किस डीलर या विक्रेता के माध्यम से बीज बेचा गया
इस व्यवस्था से बीज आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।
किसानों को मिलेगा कानूनी संरक्षण
सरकार का कहना है कि नए कानून से किसानों को कानूनी सुरक्षा भी मिलेगी। यदि किसी किसान को घटिया बीज के कारण नुकसान होता है, तो उसे शिकायत दर्ज कराने और मुआवजा पाने का अधिकार मिलेगा।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बीज अधिनियम 2026 देश की कृषि प्रणाली को आधुनिक बनाने, किसानों का भरोसा बढ़ाने और टिकाऊ व लाभकारी खेती को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य बिंदु:
बजट सत्र में संसद में पेश होगा बीज अधिनियम 2026
नकली और अवैध बीजों पर सख्त रोक
केवल पंजीकृत व प्रमाणित बीजों की बिक्री
जलवायु-सहनशील बीजों को बढ़ावा
बीजों की ट्रेसबिलिटी से बढ़ेगी पारदर्शिता
किसानों को शिकायत और मुआवजे का अधिकार
