नई दिल्ली. द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार कोश्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। इस स्थापना के साथ ही मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण माना जा रहा है।
मंदिर के अंतिम तल पर स्थापित हुआ ‘श्री राम यंत्र’
‘श्री राम यंत्र’ को मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया गया है, जो इसका अंतिम स्तर भी है। यह स्थापना मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक मानी जा रही है।
वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
इस अवसर पर दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान पंडितों ने मुख्य पुजारी गणेश्वर शास्त्री के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
राज्य के शीर्ष नेताओं ने किया स्वागत
अयोध्या पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत Anandiben Patel, Yogi Adityanath, Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak ने किया।
400 श्रमिकों का सम्मान करेंगी राष्ट्रपति
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले करीब 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी। साथ ही, वह परिसर के बाहरी हिस्से ‘परकोटा’ में स्थित एक मंदिर पर ध्वजारोहण भी करेंगी।
अयोध्या में भव्य तैयारियां, सजी सड़कों पर भगवा रंग
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंदिर तक जाने वाले मार्गों को भगवा झंडों और बैनरों से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी
प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर के अनुसार, सुरक्षा के लिए व्यापक योजना लागू की गई है।
VIP दर्शन बंद, आम श्रद्धालुओं को सीमित प्रवेश
जिलाधिकारी निखिल टिकरम फुंडे ने बताया कि राष्ट्रपति की मौजूदगी के दौरान VIP दर्शन पूरे दिन बंद रहेंगे। हालांकि, आम श्रद्धालुओं को निर्धारित समय में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
यह आयोजन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
