नई दिल्ली. केंद्र सरकार उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में छात्रों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्कॉलरशिप और फेलोशिप योजनाओं का विस्तार कर रही है। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों से आने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने और शोध के लिए वित्तीय सहयोग देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) समेत कई सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज की शुरुआत
स्नातकोत्तर अध्ययन सत्र 2023-24 में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (एनएसपीजीएस) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत पहले से चल रही चार अलग-अलग छात्रवृत्तियों को एक साथ जोड़ा गया। इनमें पीजी सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप, यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स के लिए पीजी स्कॉलरशिप, प्रोफेशनल कोर्स करने वाले एससी/एसटी छात्रों के लिए पीजी स्कॉलरशिप और GATE/GPAT के लिए पोस्ट ग्रेजुएट स्कॉलरशिप शामिल हैं।
NSPGS के तहत चयनित विद्यार्थियों को एक शैक्षणिक वर्ष में 10 महीने तक हर महीने 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए अधिकतम दो वर्षों तक उपलब्ध रहती है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है।
सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए विशेष फेलोशिप
सरकार की ओर से अकेली बेटी को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी विशेष फेलोशिप योजना संचालित की जा रही है। यूजीसी ने सितंबर 2022 में Savitribai Jyotirao Phule Fellowship for Single Girl Child की शुरुआत की थी। इस योजना ने पहले संचालित Swami Vivekananda Single Girl Child Fellowship का स्थान लिया है। इसके तहत पात्र एकल बेटियों को रिसर्च के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनकी शोध यात्रा में रुकावट न बनें।
डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पहुंच रही राशि
सरकार के अनुसार स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे भेजी जा रही है। फंड के वितरण और उसके उपयोग की निगरानी के लिए SNA-SPARSH platform की भी मदद ली जा रही है। यह व्यवस्था राशि के आवंटन और उपयोग की रियल टाइम ट्रैकिंग में सहायक है और इससे सरकारी सहायता को अधिक पारदर्शी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
2025-26 में करीब 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप
सरकार की ओर से राज्यसभा में साझा की गई जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए करीब 1.09 करोड़ scholarships प्रदान की जा रही हैं। इनमें लगभग 36 लाख छात्रवृत्तियां अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और विमुक्त जनजातियों (DT) के विद्यार्थियों के लिए हैं।
इसी अवधि में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए करीब 24 लाख स्कॉलरशिप और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लगभग 48 लाख स्कॉलरशिप उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और शोध तक पहुंच को आसान बनाना है, ताकि आर्थिक स्थिति उनकी पढ़ाई और रिसर्च के रास्ते में बाधा न बने।

