नई दिल्ली: त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों और Hoarding तथा Black Marketing पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं और थोक कारोबारियों के लिए चीनी रखने की अधिकतम सीमा तय कर दी है। नए नियमों के तहत बड़े उपभोक्ता अब 15 दिनों की जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सरकार का यह आदेश 1 सितंबर से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
बड़े उपभोक्ताओं के लिए 15 दिन की Stock Limit
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने Essential Commodities Act, 1955 के तहत ‘Sugar (Stock Holding Limit for Large Consumers) Order, 2026’ जारी किया है। इसके तहत ऐसे बड़े उपभोक्ताओं पर Stock Limit लागू होगी, जो हर महीने उत्पादन, उपभोग या किसी अन्य उपयोग के लिए कच्चे माल के तौर पर कम से कम 10 मीट्रिक टन चीनी इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे कारोबारियों को अपनी औसत खपत के हिसाब से अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर चीनी रखने की अनुमति होगी।
मिठाई दुकानदारों से लेकर Food Processing Industry तक दायरे में
नए नियमों में Sweet Shops, Soft Drink Manufacturers, Food Processing Industries और अन्य Institutional Buyers को शामिल किया गया है। किसी कारोबारी को बड़े उपभोक्ता की श्रेणी में रखने के लिए चालू महीने को छोड़कर पिछले 12 महीनों की औसत मासिक खपत को आधार बनाया जाएगा।
यदि किसी संस्थान की औसत मासिक खपत 10 मीट्रिक टन या इससे अधिक है, तो उस पर नई Stock Holding Limit लागू होगी।
Wholesale Traders के लिए 400 टन की सीमा
चीनी के Wholesalers और Dealers के लिए भी अधिकतम स्टॉक सीमा तय की गई है। थोक कारोबारी अब अधिकतम 400 टन यानी 4,000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे।
वहीं, चीनी मिल से बिक्री के बाद किसी डीलर के परिसर में संबंधित स्टॉक को सात दिन से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य बाजार में अनावश्यक स्टॉक जमा करके कीमतों को प्रभावित करने की संभावनाओं को कम करना है।
हर दिन Online Portal पर देनी होगी Stock की जानकारी
श्रीगंगानगर जिले में चीनी डीलरों को अपने स्टॉक की जानकारी Food Department Online Portal पर रोजाना अपडेट करनी होगी। इसके अलावा चीनी मिलों द्वारा बड़े उपभोक्ताओं को की गई मासिक बिक्री की भी जांच की जाएगी। बिक्री की पुष्टि के लिए संबंधित HSN Code के जरिए GST Return में दर्ज विवरण का इस्तेमाल किया जाएगा।
चीनी के दाम में आई गिरावट, 5 रुपये सस्ती हुई
सरकार के हालिया कदमों का असर चीनी की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। श्रीगंगानगर में जुलाई के दौरान चीनी का Retail Price करीब 45 से 48 रुपये प्रति किलो था। अगस्त के दूसरे सप्ताह में कीमत बढ़कर 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। कुछ दिन पहले थोक बाजार में चीनी का भाव करीब 68 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, जिसके बाद उपभोक्ताओं को करीब 70 रुपये किलो तक भुगतान करना पड़ रहा था। अब सरकारी कदमों के बाद कीमतों में नरमी देखने को मिली है। मंगलवार को श्रीगंगानगर में थोक भाव 68 रुपये से घटकर 63 रुपये प्रति किलो हो गया। वहीं Retail Market में चीनी करीब 70 रुपये से घटकर 65 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात का भी फैसला
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने और आगामी Festive Season में आपूर्ति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति देने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए Stock Limit लागू की गई है।
बाजार में मौजूदा रुझान को देखते हुए कारोबारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम में और नरमी आ सकती है।
नियम तोड़ा तो जब्ती और लाइसेंस रद्द होने का खतरा
नई Stock Limit के नियम 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ Essential Commodities Act की धारा 3 और 7 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें स्टॉक जब्त करने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

