नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के बाहर जुलाई में हुई हिंसा की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्चस्तरीय जांच समिति (High Powered Enquiry Committee यानी HPEC) ने शिकायतें और सुझाव प्राप्त करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके माध्यम से हिंसा से प्रभावित लोग, पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित पक्ष अपनी बात समिति तक पहुंचा सकेंगे। समिति ने लोगों से निर्धारित प्रारूप में शिकायतें और जरूरी दस्तावेज जमा करने की अपील की है।
पेलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार की होगी जांच
समिति के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें पेलेट गन के इस्तेमाल, चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर हिंसा करने, महिला प्रदर्शनकारियों को परेशान करने और दोनों पक्षों की ओर से अत्यधिक हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामले शामिल हैं। समिति का उद्देश्य इन घटनाओं से संबंधित शिकायतों और उपलब्ध जानकारी की जांच करना है।
गोपनीय रखी जा सकेगी शिकायतकर्ता की पहचान
HPEC की ओर से जारी सूचना के अनुसार, hpec.nic.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। इसमें संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। शिकायतकर्ता चाहें तो अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध भी कर सकते हैं। समिति ने प्रभावित लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से पोर्टल पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूपों के अनुसार अपनी शिकायतें और पक्ष रखने को कहा है।
ऑफलाइन और ईमेल से भी भेज सकते हैं शिकायत
समिति ने बताया कि उसका कार्यक्षेत्र सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त 2026 के आदेश के पैराग्राफ 12 और 13 तथा 10 सितंबर 2026 के आदेश के पैराग्राफ 5(i) में उल्लिखित विषयों के अनुरूप है। शिकायतों के अलावा कोई भी व्यक्ति जांच से जुड़े मुद्दों पर जानकारी या सुझाव भी दे सकता है।
जो लोग व्यक्तिगत रूप से शिकायत या अन्य संबंधित दस्तावेज जमा करना चाहते हैं, वे कार्यदिवसों में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच HPEC कार्यालय पहुंच सकते हैं। कार्यालय का पता है—शिक्षा सदन, 17, राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली-110002। शिकायतें इसी पते पर डाक से या hpec2026.enquiry@nic.in ईमेल के जरिए भी भेजी जा सकती हैं।
NEET पेपर लीक के मुद्दे पर हुआ था प्रदर्शन
जुलाई में NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोप सामने आए थे। 20 जुलाई को पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पेलेट गन समेत बल का इस्तेमाल किया। इन्हीं घटनाओं और अन्य संबंधित मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उच्चस्तरीय समिति गठित की है। अब शिकायत पोर्टल के माध्यम से प्रभावित लोग घटना से जुड़ी जानकारी और अपना पक्ष समिति के सामने रख सकेंगे।
