नई दिल्ली. देशभर में आज से स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 की शुरुआत हो गई है। इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभागिता; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को लेकर नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय तक स्वच्छता बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करना है।
पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है अभियान
इस साल स्वच्छता ही सेवा अभियान को पांच प्रमुख स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें स्वच्छता लक्ष्य वाली इकाइयों और सार्वजनिक स्थानों का कायाकल्प, ‘स्वच्छ पाठशाला: युवा फॉर स्वच्छता’, ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’, स्वच्छता के लिए जनभागीदारी और ‘स्वच्छता से समृद्धि’ शामिल हैं।
अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत लोगों को स्वच्छता अभियानों से जोड़ने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और स्वच्छता को नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाएगा।
जनभागीदारी पर रहेगा खास जोर
इस बार अभियान में लोगों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही Solid Waste Management Rules, 2026 को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। लोगों को कचरा प्रबंधन और अलग-अलग हितधारकों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अभियान के दौरान चार-तरफा स्रोत पृथक्करण (Four-way Source Segregation) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसके बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।
पर्यटन स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान
जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खासतौर पर अधिक भीड़ वाले पर्यटन स्थलों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण समुद्र तटों पर विशेष सफाई अभियान चलाए जाएंगे।
1 अक्टूबर को देशभर में एक साथ श्रमदान
अभियान के तहत 1 अक्टूबर को देशभर में एक साथ स्वैच्छिक श्रमदान और स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसे ‘एक दिन, एक घंटा और एक साथ’ की पहल के तहत चलाया जाएगा।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य है। अभियान का व्यापक उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।

