नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव को रविवार (25 जनवरी) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस घोषणा के साथ ही यादव परिवार और आरजेडी में चल रहा अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “कठपुतली राजकुमार (Puppet Prince)” करार दिया।
रोहिणी आचार्य का तीखा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव को बधाई देते हुए तंज कसा “ताजपोशी मुबारक… ‘लालूवाद’ को खत्म करने वालों और ‘घुसपैठियों के गिरोह’ को भी बधाई, जिन्होंने अपने ‘कठपुतली राजकुमार’ का राज्याभिषेक कर दिया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग हावी हो गए हैं जो लालू प्रसाद यादव की विरासत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि यदि नेतृत्व चुप्पी साधे रहता है तो यह उसकी मिलीभगत का प्रमाण माना जाएगा।
नेतृत्व से जवाबदेही की मांग
रोहिणी आचार्य ने आरजेडी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के मौजूदा नेता जवाबदेही से बच रहे हैं, कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और आलोचकों की आवाज दबा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि नेतृत्व को “अपना गिरेबान झांकना” चाहिए और पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को बाहर करना चाहिए।
बिहार चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के बाद और गहरा गया। रोहिणी ने आरोप लगाया कि चुनाव समीक्षा बैठक के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन पर गंभीर आरोप लगाए गए। उन्होंने तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर उन्हें पार्टी से बाहर करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया।
परिवार में बढ़ती दूरी
तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव भी इस विवाद में रोहिणी आचार्य के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने पार्टी में मौजूद “गद्दारों” पर निशाना साधते हुए खुद को हाशिये पर धकेले जाने का आरोप लगाया। वहीं, परिवार की अन्य बहनों के भी रोहिणी के समर्थन में आने की चर्चा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा और जद(यू) ने आरजेडी में मची कलह को लेकर तेजस्वी यादव पर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं।
तेजस्वी यादव की नई जिम्मेदारी के साथ ही यह देखना अहम होगा कि वे पार्टी और परिवार में बढ़ते मतभेदों को कैसे संभालते हैं।
