नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। कानून मंत्रालय ने सोमवार को इन नियुक्तियों की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी। इन नियुक्तियों के साथ देश की सर्वोच्च अदालत को विभिन्न उच्च न्यायालयों से अनुभवी न्यायाधीशों का साथ मिलेगा।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू को मिली जिम्मेदारी
नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में Justice Sheel Nagu का नाम प्रमुख है। वह वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश हाईकोर्ट है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर भी हुए पदोन्नत
Justice Shree Chandrashekhar को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वह फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उनका मूल उच्च न्यायालय झारखंड हाईकोर्ट है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा भी पहुंचे सर्वोच्च अदालत
Justice Sanjeev Sachdeva को भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल उच्च न्यायालय दिल्ली हाईकोर्ट है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली को भी मिली नियुक्ति
Justice Arun Palli को भी सुप्रीम Court की पीठ में शामिल किया गया है। वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट है।
वरिष्ठ अधिवक्ता वीएस मोहनन भी बने सुप्रीम कोर्ट जज
एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता Venkita Subramani Mohana को भी सीधे सर्वोच्च अदालत की पीठ में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि वह न्यायपालिका में लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ वकील रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
इससे पहले Supreme Court Collegium ने 22 मई और 27 मई को हुई बैठकों में इन पांच नामों की सिफारिश की थी। इसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया था।
जल्द लेंगे पद और गोपनीयता की शपथ
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब सभी नियुक्त न्यायाधीश जल्द ही पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद वे औपचारिक रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को भी मिली मंजूरी
इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 38 करने का फैसला लिया गया।
लंबित मामलों के निपटारे में मिलेगी मदद
सरकार का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से सर्वोच्च अदालत पर बढ़ते कार्यभार को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।

