नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के शांति समझौते की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कहा है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद खाद की आपूर्ति को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है।
सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव बंदना प्रेयशी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की कुल आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन करते हुए इसे 383.9 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) निर्धारित किया है। इसके मुकाबले वर्तमान में देश में 196.65 एलएमटी उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है, जो कुल आवश्यकता का लगभग 51 प्रतिशत है। सामान्य तौर पर इस समय तक 33 प्रतिशत भंडार पर्याप्त माना जाता है।
बेहतर योजना और लॉजिस्टिक्स से मजबूत हुई स्थिति
बंदना प्रेयशी ने कहा कि सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और प्रभावी लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के कारण उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि चालू खरीफ सीजन में अब तक देश के किसानों ने 102.78 एलएमटी रासायनिक उर्वरकों की खरीद की है, जो कुल अनुमानित आवश्यकता का करीब 27 प्रतिशत है।
सरकार का मानना है कि समय से पहले की गई तैयारियों के कारण इस बार किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जैविक खाद की ओर बढ़ रहा किसानों का रुझान
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि देश में वर्तमान में लगभग 22.67 एलएमटी जैविक खाद का भंडार उपलब्ध है। वहीं किसानों ने अब तक 11.82 एलएमटी जैविक खाद की खरीद की है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 3.31 एलएमटी था।
सरकार के अनुसार जैविक खाद की मांग में यह उल्लेखनीय वृद्धि किसानों के बीच प्राकृतिक और टिकाऊ खेती के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि किसान धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक विकल्पों को भी अपनाने लगे हैं।
उत्पादन और आयात से बढ़ी उपलब्धता
उर्वरक विभाग के अनुसार वर्तमान खरीफ सीजन में अब तक घरेलू स्तर पर 123.65 एलएमटी उर्वरकों का उत्पादन किया गया है, जबकि 39.36 एलएमटी उर्वरकों का आयात किया गया है। इस प्रकार कुल 163.01 एलएमटी उर्वरक उपलब्धता में जोड़े गए हैं।
सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखा है। यही कारण है कि खरीफ सीजन के दौरान देश में खाद की कमी जैसी कोई बड़ी चुनौती सामने नहीं आई है।
किसानों को राहत, फसल सीजन पर नहीं पड़ेगा असर
मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि मौजूदा भंडार और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।