नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे देश के छात्रों और Gen Z की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि NEET UG 2026 Paper Leak मामले में छात्रों के लगातार संघर्ष और आंदोलन के कारण सरकार को झुकना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि अब भारत के पास उस Education System को फिर से मजबूत बनाने का अवसर है, जो लगातार हो रहे Paper Leak मामलों से प्रभावित हुआ है।
‘सरकार को छात्रों की ताकत का संदेश मिला’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और समाज के उन सभी वर्गों को भी संदेश दिया है, जो मौजूदा सरकार के दौरान खुद को दबाव और अन्याय का शिकार मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह देश में बदलाव लाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का भी एक अवसर है।
दो मांगें अभी भी बाकी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के आंदोलन से जुड़ी दो अहम मांगें अभी पूरी होनी बाकी हैं। पहली, आंदोलन के दौरान जिन लोगों ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के सम्मान और देश के भविष्य के प्रति जिम्मेदारी दिखाते हुए उन छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, जिनके साथ आंदोलन के दौरान कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ।
क्या थीं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली Cockroach Janta Party (CJP) ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की मांग और NEET की तैयारी कर रहे उन अभ्यर्थियों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देना शामिल था, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की।
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में बाकी दो मांगों पर सहमति बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर फैसला बाद में लेने की बात कही गई थी। इसके बाद बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रियंका गांधी और खड़गे ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के संघर्ष के सामने सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने इसे देश के युवाओं की जीत बताते हुए कहा कि यह खबर सुनकर उन्हें बेहद खुशी हुई।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को “सत्य की जीत” और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “जिद की हार” बताया। उन्होंने कहा कि यह उन लाखों छात्रों और युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में Education Reform और NEET Paper Leak जैसे मुद्दों पर आवाज उठाई। खड़गे ने भी प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
