नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के क्लस्टर विकसित करने के लिए करीब 1,194 करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। यह फैसला प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) की छठी राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) की बैठक में लिया गया।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अनुसार, इन नई मंजूरियों के बाद PM-SETU योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल निवेश 3,687 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस योजना का उद्देश्य ITI संस्थानों को आधुनिक बनाना, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारना और युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल उपलब्ध कराना है।
ITI में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि इन निवेश योजनाओं से ITI संस्थानों को मजबूत बनाने, प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर करने और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में योजना के तहत हुई प्रगति को उत्साहजनक बताया। उनके मुताबिक, यह क्षेत्र में कौशल विकास को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल
मंत्रालय का लक्ष्य ITI में दी जाने वाली ट्रेनिंग को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है, ताकि युवाओं को ऐसे कौशल मिल सकें जिनकी रोजगार बाजार में मांग है। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि PM-SETU के तहत किए जा रहे निवेश से व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।
