नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। NEET Paper Leak और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और दोनों सदनों को कई बार स्थगित करना पड़ा।
मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन पहले तीन दिनों की तरह चौथे दिन भी संसद में कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका।
सरकार बोली- चर्चा के लिए तैयार हैं, शर्तें न लगाएं
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET Paper Leak सहित सभी पेपर लीक मामलों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से हाथ जोड़कर अपील की कि चर्चा पर कोई अतिरिक्त शर्त न लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को मिलकर समाधान निकालना चाहिए। रिजिजू ने यह भी कहा कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है और बार-बार नई शर्तें रख रहा है।
विपक्ष की दो टूक- पहले इस्तीफा, फिर होगी चर्चा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लिया जाएगा। उनका आरोप है कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
लोकसभा में भी राहुल गांधी, अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
प्रधानमंत्री के फैसले का भाजपा नेताओं ने किया स्वागत
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Paper Leak मामलों की सुनवाई के लिए Fast Track Courts बनाने की घोषणा का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि युवाओं का भविष्य मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और यह फैसला युवाओं के हित में एक बड़ा कदम साबित होगा।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में सार्थक चर्चा से बच रहा है और केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र आतंकवादी नहीं हैं। उनके परिवार उनसे संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतंत्र के खिलाफ है।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं तो उन्हें ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।
महुआ मोइत्रा ने मेट्रो स्टेशन बंद करने पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार राजधानी को घेराबंदी में बदल रही है। उनका कहना था कि संसद के अंदर और बाहर जनता की मांग एक ही है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।
बार-बार स्थगित हुई संसद की कार्यवाही
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी लगातार शोर-शराबा होता रहा, जिसके चलते वहां भी कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी।
संसद में लगातार चौथे दिन भी कोई बड़ा विधायी काम नहीं हो सका। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि वह NEET Paper Leak, परीक्षा सुधार और छात्रों के भविष्य से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं विपक्ष अपने रुख पर कायम है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वापस लेने को तैयार नहीं दिख रहा है।
आज इन विधेयकों पर होनी थी चर्चा
संसद में आज Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की योजना थी। इसके अलावा वित्त, रक्षा और अन्य संसदीय समितियों की रिपोर्ट भी पेश की जानी थी। लेकिन लगातार हंगामे के कारण इन पर भी कोई प्रगति नहीं हो सकी।
