नई दिल्ली. तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। Indian National Congress ने अभिनेता-से-राजनेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam को सरकार बनाने के लिए अपने 5 विधायकों का समर्थन देने का ऐलान किया है। हालांकि, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह समर्थन इस शर्त पर होगा कि गठबंधन में किसी भी ‘सांप्रदायिक ताकत’ को शामिल नहीं किया जाएगा, जो सीधे तौर पर Bharatiya Janata Party को बाहर रखने का संकेत माना जा रहा है।
हंग असेंबली के बाद गठबंधन की राजनीति तेज
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। TVK 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन से पार्टी सरकार बनाने के करीब पहुंच सकती है।
इस बीच All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam भी गठबंधन की बातचीत में शामिल हो गई है। विजय के करीबी सहयोगी एन आनंद ने पार्टी नेता Edappadi K Palaniswami से मुलाकात की है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
विजय के फैसले पर टिकी नजरें
विजय अभी तक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं कर पाए हैं। वे राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात करने वाले हैं, जिसके बाद सरकार गठन को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य इकाई को दिया फैसला लेने का अधिकार
कांग्रेस महासचिव KC Venugopal ने कहा कि TVK को समर्थन देने का अंतिम निर्णय राज्य इकाई ही करेगी। उन्होंने बताया कि विजय ने खुद कांग्रेस से समर्थन मांगा था। इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के आवास पर बैठक हुई, जिसमें Rahul Gandhi समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में चुनाव के बाद की स्थिति और संभावित गठबंधन पर चर्चा की गई।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव
इस चुनाव में TVK ने 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सभी को चौंका दिया। Dravida Munnetra Kazhagam 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। अन्य दलों में कांग्रेस को 5, PMK को 4 और बाकी पार्टियों को सीमित सीटें मिलीं। राज्य की राजनीति अब पूरी तरह गठबंधन के समीकरणों पर टिकी हुई है और आने वाले दिनों में यह तय होगा कि तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी।
