नई दिल्ली. भारत में इस साल अंडे और चिकन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों के बजट पर असर डाला है। आमतौर पर सस्ते और आसानी से उपलब्ध प्रोटीन माने जाने वाले Egg और Chicken अब पहले की तुलना में महंगे हो गए हैं। इसके पीछे मौसम और मांग-सप्लाई जैसे कारण तो हैं ही, लेकिन असली असर Poultry Feed Cost बढ़ने का है। पोल्ट्री फार्म में अंडे और चिकन तैयार करने की लागत का बड़ा हिस्सा Feed पर खर्च होता है। ऐसे में Maize और Soybean Meal जैसी प्रमुख सामग्री की कीमत बढ़ने का सीधा असर Poultry Prices पर पड़ रहा है।
Poultry Feed महंगा होने से बढ़ी लागत
पोल्ट्री इंडस्ट्री में Feed उत्पादन लागत का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। Maize मुर्गियों के लिए Energy Source का काम करता है, जबकि Soybean Meal से Protein मिलता है। पोल्ट्री फीड में Maize की हिस्सेदारी करीब 55 से 60 फीसदी तक बताई जाती है। इसलिए इसके दाम में मामूली बढ़ोतरी भी Egg और Chicken की उत्पादन लागत को काफी प्रभावित करती है।
पोल्ट्री सेक्टर पहले से ही कम मार्जिन पर काम करता है। ऐसे में Feed Ingredients महंगे होने पर किसान लंबे समय तक इस बढ़ी हुई लागत को खुद वहन नहीं कर सकते। इसका असर धीरे-धीरे Farm Gate Price से लेकर Retail Market तक दिखाई देने लगता है।
Ethanol Production ने बढ़ाई Maize की मांग
Maize की कीमत बढ़ने की एक बड़ी वजह Ethanol Industry की बढ़ती मांग भी मानी जा रही है। देश में Ethanol Blending Programme के तहत पेट्रोल में Ethanol की blending बढ़ाई गई है। इससे Ethanol बनाने के लिए Sugarcane के साथ-साथ Maize की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
पोल्ट्री इंडस्ट्री के अनुसार देश में पैदा होने वाले Maize का बड़ा हिस्सा पहले पशु और Poultry Feed के लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन अब इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा Distilleries में Ethanol Production के लिए जा रहा है। इससे Feed Industry के लिए उपलब्ध Maize पर दबाव बढ़ा है।
तीन साल में Maize के दाम में बड़ा उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन साल पहले Maize की कीमत लगभग 14,000 रुपये प्रति टन थी, जो अब बढ़कर करीब 26,500 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। पिछले कुछ महीनों में भी इसके दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। Maize की कीमत बढ़ने से Poultry Farmers की Production Cost लगातार बढ़ रही है।
Industry Estimates के मुताबिक, Maize और Soybean की कीमतों में बदलाव का सीधा असर Poultry Feed की लागत पर पड़ता है। अगर इन दोनों प्रमुख Ingredients के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो आने वाले समय में इसका असर Egg और Chicken Prices पर भी देखने को मिल सकता है।
एक साल में करीब 35-40 फीसदी बढ़े Egg Prices
National Egg Coordination Committee (NECC) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में अंडे की कीमतों में करीब 35 से 40 फीसदी तक वृद्धि हुई है। फिलहाल Poultry Farm Level पर अंडे की कीमत लगभग 7 रुपये बताई जा रही है, जबकि Retail Market में यह करीब 8.50 से 9 रुपये तक पहुंच रही है।
Industry से जुड़े लोगों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में अंडे की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में अगर Feed Cost और Supply Pressure कम नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में Egg Prices पर और दबाव देखने को मिल सकता है।
देश में Maize का बड़ा हिस्सा Ethanol के लिए जा रहा
Industry के अनुसार भारत में Maize Production करीब 43.4 Million Tonnes है। इसमें से लगभग 17 Million Tonnes का इस्तेमाल फिलहाल Ethanol Production में होने की बात कही गई है। Ethanol के लिए Maize की खपत पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है।
बताया जाता है कि 2022 में Corn-based Ethanol Production करीब 1 Million Tonnes था, जो 2024 में बढ़कर लगभग 6 Million Tonnes और अब करीब 17 Million Tonnes तक पहुंच गया है। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा करीब 25 Million Tonnes तक पहुंच सकता है।
Poultry Industry और Ethanol Sector के बीच बढ़ी प्रतिस्पर्धा
भारत में Poultry Industry Maize की सबसे बड़ी consumers में से एक है। देश के Maize Production का करीब 60 फीसदी तक हिस्सा Poultry Sector द्वारा इस्तेमाल किए जाने का अनुमान है। ऐसे में Ethanol Industry की बढ़ती मांग ने Poultry Feed के लिए उपलब्ध Maize पर प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है।
इसका असर भारत के Maize Trade पर भी दिखाई दे रहा है। पहले भारत Bangladesh और Vietnam जैसे देशों को Maize Export करता था, लेकिन Domestic Demand बढ़ने के कारण अब देश को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए Maize Import तक करना पड़ रहा है।
FY2025 में Maize Imports ने बनाया रिकॉर्ड
रिपोर्ट के अनुसार, Financial Year 2025 में भारत का Maize Import करीब 1 Million Tonnes के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद भी Import जारी है और मौजूदा समय में भी करीब आधा Million Tonnes के आसपास आयात होने की बात कही जा रही है।
Industry को चिंता है कि अगर Domestic Maize Production में तेजी से वृद्धि नहीं हुई और Ethanol तथा Poultry दोनों क्षेत्रों की मांग बढ़ती रही तो आने वाले समय में Imports पर निर्भरता और बढ़ सकती है।
सिर्फ Ethanol नहीं, मौसम भी है Egg Prices बढ़ने की वजह
हालांकि Poultry Industry से जुड़े विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अंडे और चिकन महंगे होने की पूरी वजह केवल Ethanol Production नहीं है। Heat Stress, Chicken Mortality, Weather Changes, Feed Availability और Imported Feed की कीमतें भी Poultry Prices को प्रभावित करती हैं।
गर्मियों में अत्यधिक तापमान के कारण मुर्गियों पर Heat Stress बढ़ता है, जिससे उनकी Productivity और Survival पर असर पड़ सकता है। वहीं मौसम में बदलाव और सर्दियों में बढ़ती मांग भी Egg Prices को प्रभावित करती है।
आगे क्या होगा?
जब तक Poultry Feed की लागत स्थिर नहीं होती और Maize तथा Soybean की Supply बेहतर नहीं होती, तब तक Egg और Chicken Prices पर दबाव बने रहने की संभावना है। आने वाले समय में Winter Demand, Weather Conditions, Maize Production और Ethanol Industry की मांग इस बात को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि आम लोगों को अंडे और चिकन के लिए कितना खर्च करना पड़ेगा।
