नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में देश के चिन्हित 100 जिलों में योजना के implementation को तेज करने, अलग-अलग सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर convergence बनाने और district-level performance में सुधार पर जोर दिया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों और राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे।
कृषि उत्पादकता बढ़ाने से लेकर सिंचाई तक पर फोकस
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। योजना के तहत agricultural productivity बढ़ाने, crop diversification को प्रोत्साहित करने और sustainable agriculture practices को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही post-harvest storage capacity बढ़ाने, irrigation infrastructure मजबूत करने, किसानों को short-term और long-term agricultural credit की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा governance और service delivery में सुधार को भी योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है।
100 जिलों के प्रदर्शन में हुआ बड़ा सुधार
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, योजना के छह प्रमुख उद्देश्यों के आधार पर 100 जिलों का average score अप्रैल 2026 में 22.54 था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 38.85 हो गया। यानी कुछ ही महीनों में औसत स्कोर में 16.31 points का सुधार दर्ज किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे योजना के implementation और district-level progress में सुधार का संकेत मिलता है।
36 केंद्रीय योजनाओं को एक साथ जोड़कर हो रहा काम
PM-DDKY को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए 11 Ministries और Departments की 36 Central Schemes को एक साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा State Government schemes और private-sector participation को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। योजना की progress को मापने के लिए कुल 121 indicators निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 74 output indicators और 47 outcome indicators शामिल हैं। इनके जरिए सालाना targets के मुकाबले योजना की प्रगति पर नजर रखी जा रही है।
खर्च नहीं, किसानों तक पहुंचने वाले लाभ पर होगी नजर
बैठक में monitoring framework को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि केवल activities और expenditure की निगरानी पर्याप्त नहीं है। सरकार का लक्ष्य यह देखना भी है कि योजनाओं से वास्तविक outcomes क्या हासिल हो रहे हैं और उनका actual benefit कितने किसानों तक पहुंच रहा है। इससे योजनाओं की ground-level effectiveness को बेहतर तरीके से मापा जा सकेगा।
2025 में लॉन्च हुई थी PM-DDKY
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को Union Cabinet ने वर्ष 2025 में मंजूरी दी थी और इसे 11 अक्टूबर 2025 को launch किया गया था। योजना के तहत देश के 100 identified districts में कृषि से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार लाने और किसानों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
WDC-PMKSY की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के Watershed Development Component यानी WDC-PMKSY की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने राज्यों से watershed development projects के implementation में तेजी लाने और grassroots level पर स्पष्ट एवं measurable outcomes सुनिश्चित करने की अपील की।
सूखे से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है वाटरशेड विकास
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि watershed development विकसित भारत के साथ Drought-Free India के लक्ष्य को हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि watershed development का उद्देश्य केवल water bodies का निर्माण करना नहीं है, बल्कि खेतों तक पानी पहुंचाना, जमीन की productivity बढ़ाना और किसानों की income में सुधार करना है। सरकार का जोर ऐसे projects पर है, जिनका सीधा और measurable फायदा किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को मिल सके।
