नई दिल्ली. राजस्थान में Indira Gandhi Canal Project (IGCP) के प्रथम चरण से जुड़े किसानों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। करीब छह दशक पहले बनाए गए नहर के खालों की हालत खराब होने के कारण सिंचाई पानी की बर्बादी हो रही थी और खासकर Tail-End Farmers तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। अब सरकार ने इन पुराने खालों के पुनर्निर्माण के लिए 790 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इस योजना का लाभ बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के किसानों को मिलेगा। जल संसाधन विभाग उत्तर हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अरुण कुमार सिडाना के अनुसार, इस काम के लिए कुल सात पैकेज तैयार किए गए हैं और सभी सात कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद करीब 1.51 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सीधा फायदा मिलेगा।
60 साल पुराने खालों की हालत खराब, बढ़ रहा था Water Loss
Indira Gandhi Canal System के खालों का निर्माण लगभग 60 वर्ष पहले हुआ था। लंबे समय तक इस्तेमाल और पर्याप्त Maintenance नहीं होने के कारण कई स्थानों पर ये खाले क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कहीं Field Lines टूट गई हैं तो कहीं खालों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसका सीधा असर सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा था।
क्षतिग्रस्त खालों के कारण खेतों तक पहुंचने से पहले ही बड़ी मात्रा में पानी रिस जाता था। इससे Water Loss बढ़ रहा था और नहर के अंतिम छोर पर स्थित किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा था। किसान लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे।
जल संसाधन विभाग ने किसानों की इस परेशानी और लगातार बढ़ रही पानी की बर्बादी से राज्य सरकार को अवगत कराया। इसके बाद सरकार ने पुराने खालों के Reconstruction और Field Lining के लिए बजट स्वीकृत किया है। नए निर्माण से पानी का रिसाव कम होने और अंतिम छोर तक बेहतर तरीके से पानी पहुंचने की उम्मीद है।
NDB Project से भी मिली थी बड़ी राहत
इससे पहले New Development Bank (NDB) की सहायता से राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना के तहत भी नहर प्रणाली को मजबूत करने का काम किया गया था। करीब 3,291.63 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर में इंदिरा गांधी फीडर और मुख्य नहर की 179.53 किलोमीटर लंबाई तथा Distribution Network की 2,498.69 किलोमीटर लंबाई में Relining का काम किया गया।
यह काम जुलाई 2026 में पूरा हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, Relining के बाद पानी की बचत हुई और किसानों को निर्धारित Water Share के अनुसार सिंचाई पानी मिलने में मदद मिली।
13 जिलों के लिए Life Line है इंदिरा गांधी नहर
इंदिरा गांधी नहर परियोजना केवल खेती के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से की Drinking Water Supply भी इसी पर निर्भर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, परियोजना के प्रथम और द्वितीय चरण से कुल करीब 16.17 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है।
यह नहर हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, चूरू, जोधपुर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बालोतरा और बाड़मेर समेत 13 जिलों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है। इन क्षेत्रों की करीब 2 करोड़ आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने में भी नहर की अहम भूमिका है।
इसके अलावा सूरतगढ़, रामगढ़, गिरल, गुढ़ा, बरसिंगसर और राजवेस्ट की Thermal और Gas-Based Power Projects के लिए भी इसी नहर से पानी उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में पुराने खालों का Reconstruction Project पूरा होने के बाद न केवल किसानों को सिंचाई पानी मिलने में सुधार की उम्मीद है, बल्कि पूरे Canal Water Distribution System को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
