नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए मार्केटिंग सीज़न 2027-28 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के Minimum Support Price (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) के इस फैसले के बाद कुसुम (Safflower) के MSP में सबसे ज्यादा 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद रेपसीड और सरसों के MSP में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
कुसुम के MSP में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
सरकार के मुताबिक, MSP में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है। रबी फसलों में कुसुम के समर्थन मूल्य में 675 रुपये प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों का स्थान है, जिनके MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। मसूर के MSP में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
1.5 गुना MSP के लक्ष्य के अनुरूप फैसला
सरकार ने बताया कि रबी फसलों के MSP में यह वृद्धि Union Budget 2018-19 में घोषित उस नीति के अनुरूप है, जिसके तहत MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर रखने की बात कही गई थी।
पिछले रबी मार्केटिंग सीजन में भी सरकार ने सभी प्रमुख रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी की थी। 2026-27 सीजन के लिए कुसुम में 600 रुपये, मसूर में 300 रुपये, रेपसीड और सरसों में 250 रुपये तथा गेहूं में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई थी।
दिल्ली में Traffic Management System को मंजूरी
कैबिनेट ने किसानों से जुड़े फैसले के अलावा दिल्ली में Intelligent Traffic Management System (ITMS) लागू करने को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 1,789 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें टैक्स भी शामिल हैं।
यह सिस्टम दिल्ली के 42 चिन्हित Traffic Corridors में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। परियोजना को 24 महीने में लागू करने के बाद पांच साल तक इसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य मौजूदा सड़क क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करते हुए ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार यातायात प्रबंधन को अधिक
प्रभावी बनाना है।
Renewable Energy के लिए PM-DHARA Scheme
कैबिनेट ने PM-DHARA यानी PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access Scheme को भी मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के भीतर Renewable Energy के लिए Transmission Infrastructure को मजबूत करना है। इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक Renewable Energy की बिजली को Grid तक पहुंचाने के लिए Intra-State Transmission System को मजबूत किया जाएगा।
साथ ही 50 GWh Battery Energy Storage Systems की क्षमता विकसित करने का प्रावधान है। सरकार के अनुसार, Battery Storage से Renewable Energy की अनियमित उपलब्धता, Transmission Congestion और Peak-Hour Curtailment जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है। इससे Solar Power उपलब्ध नहीं होने वाले घंटों में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए Grid Flexibility भी बढ़ाने का लक्ष्य है।
किसानों से लेकर Energy और Traffic तक कई फैसले
कैबिनेट के इन फैसलों में किसानों के लिए MSP बढ़ोतरी के साथ दिल्ली के Traffic Management और Renewable Energy Transmission को मजबूत करने से जुड़े कदम शामिल हैं। रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी Marketing Season 2027-28 के लिए लागू होगी, जबकि ITMS और PM-DHARA के जरिए शहरी यातायात व्यवस्था और Renewable Energy Infrastructure को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
