नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश में हो रहे जनसांख्यिकीय (demographic) बदलावों की जांच और समाधान के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव मुख्य रूप से घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे समिति की अध्यक्षता
इस कमेटी की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश Prakash Prabhakar Naolekar करेंगे। इसके अलावा जनगणना आयुक्त, पूर्व आईएएस अधिकारी Durga Shankar Mishra, पूर्व आईपीएस अधिकारी Balaji Srivastava और अर्थशास्त्री Shamika Ravi को सदस्य बनाया गया है।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) इस समिति के सदस्य सचिव के रूप में काम करेंगे।
प्रधानमंत्री के लाल किले के ऐलान के बाद गठन
इस समिति का गठन प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस ऐलान के बाद किया गया है, जो उन्होंने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में किया था।
घुसपैठ से बदल रहे हैं जनसांख्यिकीय हालात: गृह मंत्रालय
गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से देश में असामान्य जनसंख्या बदलाव हो रहे हैं, जो देश के वर्तमान और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती हैं।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था या सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचना, जनजातीय समाज के संरक्षण और राष्ट्रीय संप्रभुता से भी जुड़ा हुआ है।
देशभर में बदलाव का अध्ययन करेगी समिति
गृह मंत्रालय के अनुसार यह समिति देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक अध्ययन करेगी, खासकर अवैध प्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले बदलावों पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ ही समिति विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों में हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी और समयबद्ध समाधान भी सुझाएगी।

