नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को NITI Aayog के नए उपाध्यक्ष Ashok Kumar Lahiri और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को उनकी नियुक्ति पर शुभकामनाएं दीं। लाहिड़ी ने पदभार संभालने के बाद दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात भी की, जो उनकी इस भूमिका में पहली आधिकारिक बैठक थी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नीति आयोग भारत की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है, जो सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, सुधारों को आगे बढ़ाने और ‘Ease of Living’ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान नवाचार और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच के लिए एक सशक्त मंच है।
किन-किन सदस्यों की हुई नियुक्ति
सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है।
Ashok Kumar Lahiri – उपाध्यक्ष
Rajiv Gauba – पूर्णकालिक सदस्य
K. V. Raju – पूर्णकालिक सदस्य
Gobardhan Das – पूर्णकालिक सदस्य
Abhay Karandikar – पूर्णकालिक सदस्य
M. Srinivas – पूर्णकालिक सदस्य
अशोक लाहिड़ी का प्रोफाइल
Ashok Kumar Lahiri देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। वे कोलकाता के प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल से भाजपा विधायक भी हैं।
गोबर्धन दास के बारे में
Gobardhan Das एक प्रसिद्ध इम्यूनोलॉजिस्ट हैं और पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कार्यरत रहे हैं। वे IISER भोपाल के निदेशक भी रह चुके हैं और 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में भी हिस्सा ले चुके हैं।
नीति आयोग की भूमिका
NITI Aayog देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। यह केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास की रणनीतियां तैयार करता है।
नई टीम के साथ नीति आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वह देश की आर्थिक नीतियों को और मजबूत बनाएगा और विकास की रफ्तार को नई दिशा देगा।
