नई दिल्ली. बिहार में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब 32 नेताओं ने राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष सहित कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।
निशांत कुमार को मिला स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा
शपथ लेने वालों में सबसे प्रमुख नाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का रहा। शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा सामने आई। यह कदम राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पहली बार वे सीधे राज्य सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विजय कुमार सिन्हा बने कृषि मंत्री
इसी बीच, भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम विभाग सौंपा गया है, जो बिहार की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
NDA के सभी घटकों को मिला प्रतिनिधित्व
इस मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए के सभी सहयोगी दलों को जगह दी गई है। कुल 32 मंत्रियों में से भाजपा के 15, जदयू के 15 और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। यह पूरी तरह संतुलित राजनीतिक समीकरण के तहत किया गया विस्तार माना जा रहा है।
पुराने मंत्रियों की भी वापसी
इस नई टीम में कई पुराने चेहरों को फिर से मौका मिला है। इनमें वे नेता शामिल हैं जो पिछले नीतीश कुमार मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। वहीं लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो जैसे दलों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
राजनीतिक संदेश और आगे की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा। खासकर निशांत कुमार को दी गई जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है। यह नई कैबिनेट अब राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
