नई दिल्ली. राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने कई बड़े शहरों में मजबूत प्रदर्शन किया है। सोमवार को जारी मतगणना के दौरान BJP ने जयपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा समेत कई नगर निकायों में बढ़त या बहुमत हासिल किया। वहीं कांग्रेस ने अजमेर, बीकानेर, पाली और कुछ नगर परिषदों में अच्छा प्रदर्शन किया। कई जगह निर्दलीय उम्मीदवार भी सबसे बड़े दल के रूप में सामने आए हैं।
राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुए थे। सोमवार सुबह 8 बजे से अलग-अलग मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू हुई। इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
10 नगर निगमों में BJP का मजबूत प्रदर्शन
राजस्थान के 10 नगर निगमों के नतीजों में BJP ने कई प्रमुख शहरों में बहुमत हासिल किया। उदयपुर नगर निगम की सभी 80 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। यहां BJP ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 23 सीटें मिलीं। तीन सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर CPI(M) उम्मीदवार विजयी रहा।
भीलवाड़ा में भी BJP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 में से 45 वार्ड जीत लिए। निर्दलीय उम्मीदवार 15 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस को 10 वार्ड मिले।
कोटा नगर निगम में 100 में से 98 वार्डों के नतीजे घोषित होने तक BJP ने 55 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 39 और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिलीं।
जयपुर नगर निगम में भी BJP बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। 150 वार्ड वाले नगर निगम में अब तक घोषित परिणामों में BJP को 69 सीटें, कांग्रेस को 50 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 11 सीटें मिली हैं। बाकी 20 वार्डों के परिणाम का इंतजार है।
अजमेर में BJP का 36 साल पुराना गढ़ टूटा
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने BJP को बड़ा झटका दिया है। सभी 80 वार्डों के परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। BJP को 32 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 11 सीटें मिलीं।
इस परिणाम के साथ अजमेर नगर निगम में BJP का करीब 36 साल पुराना दबदबा खत्म हो गया। पिछली बार BJP ने यहां 48 वार्ड जीते थे, लेकिन इस बार उसकी सीटें घटकर 32 रह गईं। हालांकि किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, इसलिए बोर्ड गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है।
बीकानेर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। पार्टी ने 80 में से 42 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। BJP को 27, निर्दलीय उम्मीदवारों को 10 और RLP को एक सीट मिली।
यह नतीजा कांग्रेस के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि राज्य के कई बड़े नगर निगमों में BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा
भरतपुर नगर निगम में किसी प्रमुख पार्टी के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार सबसे आगे रहे। सभी 65 वार्डों के नतीजों में निर्दलीयों ने 38 सीटें जीतीं। BJP को 20 और कांग्रेस को केवल सात सीटें मिलीं। इस तरह भरतपुर में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
जोधपुर में BJP और कांग्रेस बराबरी पर
जोधपुर नगर निगम में मुकाबला बेहद करीबी रहा। 100 में से 99 वार्डों के परिणाम घोषित होने के बाद BJP और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिलीं, जबकि 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
ऐसे में जोधपुर नगर निगम में बोर्ड गठन का फैसला निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर निर्भर कर सकता है।
पाली में कांग्रेस आगे
पाली नगर निगम में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का स्थान हासिल किया। BJP को 21 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 11 सीटें मिलीं।
वहीं अलवर नगर निगम की सभी 65 सीटों के नतीजों में BJP ने 28, कांग्रेस ने 23, निर्दलीयों ने 13 और BSP ने एक सीट जीती।
10 नगर परिषदों में कांग्रेस को बहुमत
नगर परिषदों के परिणामों में भी कांग्रेस ने कई जगह अच्छा प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, लालसोट, नीमकाथाना, प्रतापगढ़, शाहपुरा (भीलवाड़ा), सीकर, सिरोही और टोंक नगर परिषदों में बहुमत हासिल किया।
इसके अलावा दौसा, धौलपुर, डीडवाना, गंगापुर सिटी, जालोर, खैरथल, कुचामन सिटी और शाहपुरा (जयपुर) में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दिखाया दम
राजस्थान के कई नगर परिषदों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया। बेहड़ोर, डीग, फतेहपुर, हनुमानगढ़, हिंडौन, कोटपूतली, मकराना, नागौर और तिजारा नगर परिषदों में निर्दलीय सबसे बड़ा समूह बने।
नागौर नगर परिषद में निर्दलीयों ने 23 वार्ड जीते, जबकि BJP को 21 और कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं। मकराना में निर्दलीयों ने 36 वार्ड जीतकर बड़ी बढ़त बनाई। यहां कांग्रेस को 18 और BJP को छह सीटें मिलीं।
BJP ने कई नगर परिषदों में हासिल किया बहुमत
BJP ने चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में 60 में से 32 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 24 और निर्दलीयों को चार सीटें मिलीं।
चोमू नगर परिषद में BJP ने 30, कांग्रेस ने 12 और निर्दलीयों ने तीन वार्ड जीते। बाड़मेर में BJP ने 29, कांग्रेस ने 21 और निर्दलीयों ने पांच सीटें हासिल कीं।
बीकानेर के अलावा कई अन्य नगर परिषदों में भी BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया। निम्बाहेड़ा में BJP ने 45 में से 27 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
झालावाड़ में कांग्रेस की बड़ी जीत
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। BJP को 13, निर्दलीयों को दो और AAP को एक सीट मिली।
वहीं बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने भी बड़ा प्रदर्शन किया। 60 वार्डों के नतीजों में AAP ने 32 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 17 और BJP को नौ सीटें मिलीं।
BJP की जीत पर CM भजनलाल शर्मा ने जताया आभार
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगर निकाय चुनावों में BJP के प्रदर्शन को बड़ी जीत बताते हुए प्रदेश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम राजस्थान में BJP सरकार के कामकाज के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और विकसित राजस्थान के संकल्प पर भरोसा जताया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के युवाओं ने एक बार फिर PM मोदी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है।
भजनलाल शर्मा ने इससे पहले यह भी कहा था कि इन चुनावों में BJP को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का लाभ मिला है। उन्होंने निकाय चुनाव से पहले राज्य के 10 शहरों में रोड शो भी किए थे।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले अहम परीक्षा
राजस्थान के नगर निकाय चुनावों के परिणामों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनावों से राज्य के शहरी इलाकों में दोनों दलों की राजनीतिक स्थिति का संकेत मिला है।
राज्य में कुल 309 शहरी निकायों के लिए चुनाव हुए। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं। कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ और करीब 1.44 करोड़ मतदाता मतदान के लिए पात्र थे।
दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 74.05 रहा। पहले चरण में 76.41 प्रतिशत और दूसरे चरण में 71.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अब पार्षदों के परिणाम के बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति के चुनाव होंगे। इसके अगले दिन यानी 22 सितंबर को उप महापौर, उप सभापति और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनावों के बाद राजस्थान के शहरी निकायों में नई राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

