नई दिल्ली. सत्या निकेतन PG हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में करीब 10 हजार छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इन हॉस्टलों में छात्र और छात्राएं दोनों रह सकेंगे। खास बात यह है कि दिल्ली की किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ चर्चा के बाद पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित और बेहतर आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।
असुरक्षित PG से छात्रों को कराया गया बाहर
सत्या निकेतन PG हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में छात्रों के लिए इस्तेमाल हो रहे PG और अन्य भवनों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है।
इसी क्रम में चिराग दिल्ली इलाके में देर रात एक PG से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिस इमारत में PG चल रहा था, उसकी दीवारों में बड़े cracks दिखाई दिए थे। इसके बाद अधिकारियों को भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका हुई।
सरकारी अधिकारियों को PG भवन के असुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई। वहां रह रहे छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जानकारी के मुताबिक, लड़कों को शहीद भगत सिंह कॉलेज में ठहराया गया, जबकि लड़कियों को वोकेशनल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया।
PG की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सत्या निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए इस्तेमाल होने वाले PG भवनों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। खासतौर पर घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसे भवनों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जर्जर या असुरक्षित इमारतों में छात्रों को रहने की अनुमति न मिले। इसी के तहत संदिग्ध और खतरनाक इमारतों की जांच और कार्रवाई का अभियान तेज किया गया है।
MCD ने 34 इमारतों पर चलाया बुलडोजर
दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने भी असुरक्षित इमारतों, अवैध निर्माण और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निगम ने राजधानी के सभी 12 जोन में कुल 34 जगहों पर demolition की कार्रवाई की।
इसके अलावा 17 संपत्तियों को सील किया गया, 22 मामलों में show-cause notice जारी किए गए और चार संपत्तियों को गिराने के आदेश भी दिए गए।
जामा मस्जिद से द्वारका तक कार्रवाई
MCD की कार्रवाई के दौरान जामा मस्जिद इलाके के कूचा चेलन स्थित गली गोंदनी वाली की संपत्ति संख्या 1412 में ग्राउंड फ्लोर की छत के दो हिस्सों और एक partition wall को हटाया गया। इस कार्रवाई में जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों की सहायता ली गई।
इसके अलावा बाजार सीताराम के सड़क प्रेम नारायण स्थित संपत्ति संख्या 3881 में भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। निगम ने विकास नगर और सेक्टर-17, द्वारका में पहले से खतरनाक घोषित की गई इमारतों को भी कार्रवाई के दायरे में शामिल किया।
छात्रों के लिए सुरक्षित आवास पर सरकार का फोकस
सत्या निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का फोकस अब छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था मजबूत करने पर है। 10 हजार छात्रों की क्षमता वाले नए हॉस्टलों की योजना इसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सरकार की प्रस्तावित नीति में छात्रों की सुरक्षा, आवास की उपलब्धता और विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुविधा देने पर जोर रहने की उम्मीद है। वहीं, असुरक्षित PG और भवनों के खिलाफ MCD और प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

