नई दिल्ली. राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के नतीजों में सत्तारूढ़ BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन कांग्रेस ने भी कई जगहों पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए बड़े उलटफेर किए हैं। सोमवार को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक BJP ने 4,179 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 3,613 वार्ड आए। राज्य की 10 नगर निगमों में से चार में BJP ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
हालांकि, चुनाव परिणामों ने यह भी दिखाया कि कई शहरों में BJP और कांग्रेस के बीच मुकाबला एकतरफा नहीं रहा। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बड़ी संख्या में वार्ड जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि आम आदमी पार्टी ने बारां में बड़ी सफलता हासिल की।
बीकानेर में कांग्रेस का कब्जा, झालावाड़ में बड़ा उलटफेर
कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम में बहुमत हासिल कर BJP को बड़ा झटका दिया। इसके अलावा झालावाड़ नगर परिषद में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया। झालावाड़ को लंबे समय से BJP का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और यह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़ा प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र है।
झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि BJP को 13 सीटें मिलीं। इस परिणाम के साथ कांग्रेस को यहां नगर बोर्ड बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत मिल गया है।
टोंक में भी कांग्रेस की बड़ी जीत
कांग्रेस ने टोंक में भी बेहतर प्रदर्शन किया। टोंक पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का विधानसभा क्षेत्र है। यहां 60 में से 59 वार्डों के नतीजे घोषित किए गए, जिनमें कांग्रेस ने 32 सीटों पर जीत दर्ज की। BJP को 19 और निर्दलीय उम्मीदवारों को आठ सीटें मिलीं।
इस परिणाम के साथ कांग्रेस ने न केवल BJP को पीछे छोड़ा, बल्कि नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने की स्थिति भी मजबूत कर ली है।
भरतपुर में निर्दलीयों ने बिगाड़ा पूरा समीकरण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर में चुनाव परिणाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रहे। भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की। BJP को 20 और कांग्रेस को केवल सात सीटें मिलीं। BSP और RLP ने भी एक-एक वार्ड जीता।
किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अब नगर बोर्ड के गठन में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। मेयर के चुनाव में भी उनका समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव परिणामों को BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों के विश्वास से जोड़ते हुए जनता का आभार जताया।
बारां में AAP का बड़ा ब्रेकथ्रू
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भी बड़ा उलटफेर किया। बारां नगर परिषद में AAP ने 60 में से 31 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 18 और BJP को नौ सीटों पर जीत मिली।
इस परिणाम को राजस्थान में AAP के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पार्टी पहली बार राज्य की किसी नगर परिषद में अपने दम पर बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंची है। इससे स्थानीय राजनीति में BJP और कांग्रेस के पारंपरिक मुकाबले के बीच AAP की मौजूदगी भी मजबूत हुई है।
जोधपुर में BJP-कांग्रेस बराबरी पर
जोधपुर में भी चुनाव परिणाम काफी दिलचस्प रहे। 100 में से 99 वार्डों के परिणाम घोषित होने तक BJP और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिली थीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 10 वार्ड जीते।
जोधपुर में BJP ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह वार्ड में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के गृह वार्ड में बाजी मारी। इस तरह दोनों प्रमुख नेताओं के राजनीतिक प्रभाव वाले वार्डों में उनकी अपनी पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा।
जयपुर और कोटा में BJP का दबदबा
राजधानी जयपुर में 150 में से 146 वार्डों के नतीजे घोषित हुए। BJP ने 78 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को 53 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं।
कोटा में 100 में से 96 वार्डों की मतगणना पूरी हुई। यहां BJP ने 54 वार्ड जीतकर मजबूत बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को 38 और निर्दलीयों को चार सीटें मिलीं।
उदयपुर में BJP ने 80 में से 53 वार्ड जीतकर स्पष्ट बढ़त हासिल की। कांग्रेस को 23 और निर्दलीयों को तीन वार्डों में जीत मिली। भीलवाड़ा में भी BJP का प्रदर्शन मजबूत रहा, जहां पार्टी ने 70 में से 45 वार्ड जीते। निर्दलीयों को 15 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं।
अजमेर और पाली में कांग्रेस आगे
अजमेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। कांग्रेस ने 37 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि BJP को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिलीं।
बीकानेर में कांग्रेस ने 42 वार्ड जीतकर स्पष्ट बढ़त बनाई। BJP को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं।
पाली में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। सभी 65 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस को 29, BJP को 21 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 15 सीटें मिलीं।
अलवर में BJP ने 65 में से 28 वार्ड जीते। कांग्रेस को 23 और निर्दलीयों को 13 सीटों पर जीत मिली।
10 हजार से ज्यादा वार्डों में हुई मतगणना
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में कुल 10,244 वार्डों के लिए मतगणना कराई गई। रात 9:18 बजे तक 10,204 वार्डों के परिणाम घोषित किए जा चुके थे। BJP और कांग्रेस के अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने 63, AAP ने 42, CPI(M) ने 38, BSP ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्डों में जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल 2,273 वार्डों में जीत हासिल की।
चार निकायों में तकनीकी गड़बड़ी के बाद चुनाव प्रक्रिया प्रभावित
मतगणना के दौरान कुछ जगहों पर EVM में तकनीकी खराबी की वजह से सभी वार्डों के परिणाम समय पर घोषित नहीं हो सके। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने जोधपुर नगर निगम, कोटा नगर निगम, जयपुर नगर निगम और सुकेत नगरपालिका में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव स्थगित कर दिए।
आयोग के अनुसार, कुछ वार्डों में EVM से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण मतगणना पूरी नहीं हो सकी। चुनाव आयोग ने कहा कि इस संबंध में आगे की जानकारी बाद में जारी की जाएगी।
राजस्थान के इन निकाय चुनावों के नतीजे आगामी पंचायत चुनावों और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक रूप से अहम माने जा रहे हैं। जहां BJP ने कुल वार्डों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है, वहीं कांग्रेस ने झालावाड़, टोंक, अजमेर और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में अप्रत्याशित प्रदर्शन कर अपनी मौजूदगी का संकेत दिया है। निर्दलीयों और AAP के प्रदर्शन ने भी राज्य की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की संभावना बढ़ा दी है।

