नई दिल्ली: आम लोगों की जेब पर एक और बोझ बढ़ सकता है। Crisil Ratings की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में Milk Prices में 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, Butter, Ghee, Paneer, Curd और अन्य Value Added Dairy Products की कीमतों में इससे भी अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक कच्चे दूध (Raw Milk) की खरीद लागत बढ़ने से डेयरी कंपनियां धीरे-धीरे इसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी।
क्यों बढ़ रहे हैं दूध के दाम?
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल पशुओं के चारे की कीमतें बढ़ी हैं। इसके अलावा El Nino के कारण भीषण गर्मी और सामान्य से कमजोर मानसून की आशंका है, जिससे दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन कारणों से कच्चे दूध की उपलब्धता कम होगी और डेयरी कंपनियों की लागत बढ़ेगी। इसी वजह से दूध और दूध से बने उत्पाद महंगे होने की संभावना है।
Dairy Products में ज्यादा बढ़ सकती है कीमत
रिपोर्ट के अनुसार, केवल दूध ही नहीं बल्कि Butter, Ghee, Cheese, Paneer, Curd और अन्य Value Added Dairy Products की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
कंपनियां इन उत्पादों की बढ़ती मांग और बढ़ी हुई लागत को देखते हुए इनमें अधिक कीमत बढ़ा सकती हैं। अनुमान है कि पूरे डेयरी सेक्टर में औसतन 5 से 6 प्रतिशत तक कीमतों में इजाफा हो सकता है।
Dairy Industry की कमाई भी बढ़ेगी
Crisil Ratings का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी और लगातार बढ़ती मांग के चलते संगठित डेयरी उद्योग की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में डेयरी सेक्टर की आय पिछले साल की तुलना में और तेजी से बढ़ सकती है। दूध और पारंपरिक डेयरी उत्पादों की मांग लगातार बनी हुई है, जबकि हेल्दी और Protein-rich उत्पादों की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है।
हेल्थ प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही
रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग अब Probiotic और Protein-rich Dairy Products की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इन उत्पादों की मांग आने वाले समय में 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ सकती है।
इसके अलावा ग्राहक बिना ब्रांड वाले उत्पादों की बजाय ब्रांडेड डेयरी प्रोडक्ट्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे बड़ी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मौसम पर रहेगी नजर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस साल डेयरी उद्योग की स्थिति काफी हद तक मौसम पर निर्भर करेगी। यदि El Nino का असर अधिक रहा और मानसून कमजोर रहा तो दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं, यदि बारिश सामान्य रही तो कीमतों में बढ़ोतरी सीमित रह सकती है।
फिलहाल रिपोर्ट का अनुमान है कि बढ़ती लागत के कारण इस वित्त वर्ष में उपभोक्ताओं को दूध और डेयरी उत्पादों के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

