नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने Three-Language Policy को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा Class 10 के छात्रों पर नई भाषा नीति लागू नहीं होगी। यानी इस साल 10वीं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को नए नियमों के तहत तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। CBSE ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी करते हुए छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
7वीं, 8वीं और 9वीं के मौजूदा छात्रों को भी राहत
बोर्ड ने कहा है कि वर्तमान में Class 7, Class 8 और Class 9 में पढ़ रहे छात्रों को भी जब वे 10वीं कक्षा में पहुंचेंगे, तब नई Three-Language Policy के तहत बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। इस फैसले से इन कक्षाओं में पढ़ रहे लाखों छात्रों को राहत मिलेगी।
विदेशी भाषाएं पढ़ रहे छात्र जारी रख सकेंगे पढ़ाई
CBSE ने यह भी साफ किया है कि जो छात्र फिलहाल दो Foreign Languages का अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में बदलने की जरूरत नहीं होगी।
ऐसे छात्र पहले की तरह दोनों विदेशी भाषाओं की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। हालांकि इसके साथ उन्हें एक अतिरिक्त भारतीय मातृभाषा (Native Indian Language) भी पढ़नी होगी।
समय पर उपलब्ध कराया जाएगा अध्ययन सामग्री
बोर्ड ने कहा है कि नई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए कक्षा के स्तर के अनुसार जरूरी Study Material समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे छात्रों और स्कूलों को नई व्यवस्था के अनुसार पढ़ाई कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
छात्रों और स्कूलों को मिलेगी स्पष्टता
CBSE के इस फैसले से उन छात्रों और स्कूलों की उलझन दूर हो गई है जो नई Three-Language Policy को लेकर असमंजस में थे। बोर्ड का कहना है कि नई भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।

