नई दिल्ली. India Ratings and Research (Ind-Ra) ने भारतीय केमिकल सेक्टर के लिए FY27 में न्यूट्रल आउटलुक और स्टेबल रेटिंग बरकरार रखी है। एजेंसी के मुताबिक, सेक्टर में रिकवरी जारी रहेगी, लेकिन यह पहले के मुकाबले धीमी हो सकती है और कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
कीमतों में उछाल, फिर आंशिक गिरावट
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते केमिकल कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
मार्च 2026 तक कीमतें 40–50% तक बढ़ीं
अप्रैल के मध्य तक 5–10% की गिरावट आई, लेकिन स्तर अब भी ऊंचे हैं
Ind-Ra का मानना है कि तनाव कम होने पर कीमतों में सुधार हो सकता है, लेकिन सप्लाई बाधाएं और ओवरसप्लाई के कारण कीमतें पहले के स्तर से ऊपर बनी रह सकती हैं।
मार्जिन सीमित, प्रदर्शन में अंतर
FY27 में सेक्टर का मार्जिन 13% से 15% के बीच रहने का अनुमान है, जो ऐतिहासिक औसत से कम है।
एजेंसी के अनुसार:
अलग-अलग केमिकल सेगमेंट में प्रदर्शन अलग रहेगा
कुछ कंपनियां मजबूत मुनाफा कमाएंगी, जबकि कुछ पर दबाव रहेगा
उदाहरण के तौर पर:
कैप्रोलैक्टम-बेंजीन स्प्रेड 50–55% बढ़ा
प्रोपाइलीन-एक्रिलोनाइट्राइल स्प्रेड 39% गिरा
डोमेस्टिक डिमांड बनी मजबूत
घरेलू मांग स्थिर बनी हुई है, खासकर उपभोक्ता आधारित सेक्टर में।
हालांकि FY27 की शुरुआत में कुछ सेक्टर में खरीद टली, लेकिन कुल मांग पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
एक्सपोर्ट में राहत, लेकिन चीन से चुनौती
United States की टैरिफ में कमी से भारतीय निर्यातकों को फायदा मिला
अमेरिका भारत के केमिकल एक्सपोर्ट का करीब 15% हिस्सा है
लेकिन China से आयात प्रतिस्पर्धा अब भी बड़ा खतरा बना हुआ है, क्योंकि वहां ओवरकैपेसिटी बनी हुई है।
लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल पर दबाव
FY27 में कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी:
बढ़ती इनपुट लागत
लंबा सप्लाई चक्र
ज्यादा इन्वेंट्री लागत
इससे वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ेगी और कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
कैपेक्स पर सतर्क रुख
कंपनियां नए निवेश के बजाय:
जरूरी और मेंटेनेंस प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देंगी
बड़े विस्तार योजनाओं को टाल सकती हैं
Ind-Ra के अनुसार FY27 में केमिकल सेक्टर के लिए स्थिति स्थिर लेकिन अस्थिर (Stable but Volatile) रहेगी।
कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
मुनाफा और कैश फ्लो में अंतर रहेगा
मजबूत लिक्विडिटी और बेहतर मैनेजमेंट वाली कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करेंगी
कुल मिलाकर, कंपनियों को FY27 में टिके रहने के लिए सावधानी और मजबूत वित्तीय रणनीति अपनानी होगी।
