नई दिल्ली. भारत सरकार ने समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान किया है। Sarbananda Sonowal ने FY 2026–27 में 62 नए जहाज जोड़ने की योजना पेश की है, जिससे देश की शिपिंग क्षमता और मजबूत होगी।
₹51,383 करोड़ का निवेश, बढ़ेगी क्षमता
Ministry of Ports Shipping and Waterways के अनुसार:
कुल निवेश: ₹51,383 करोड़
अतिरिक्त क्षमता: 2.85 मिलियन ग्रॉस टन (GT)
लक्ष्य: घरेलू शिपिंग को मजबूत करना और विदेशी निर्भरता कम करना
यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत शिपिंग सेक्टर को नई दिशा देगी।
कई तरह के जहाज शामिल
नई योजना में विभिन्न प्रकार के जहाज शामिल होंगे:
कंटेनर शिप
LPG कैरियर
क्रूड ऑयल टैंकर
ग्रीन टग
ड्रेजिंग वेसल
Shipping Corporation of India (SCI) अन्य सार्वजनिक तेल कंपनियों के साथ मिलकर 59 जहाज खरीदने की योजना पर काम कर रहा है।
पहले ही बढ़ी है क्षमता
FY 2026 में भारत की कुल शिपिंग क्षमता 142 मिलियन GT तक पहुंच चुकी है, जिसमें 92 नए जहाज जुड़े हैं। यह हाल के वर्षों में सबसे तेज विस्तार में से एक है।
बंदरगाहों का शानदार प्रदर्शन
FY 2025–26 में:
कुल कार्गो हैंडलिंग: 915.17 मिलियन टन
लक्ष्य: 904 मिलियन टन
सालाना वृद्धि: 7.06%
यह आंकड़े भारत के मजबूत समुद्री व्यापार को दर्शाते हैं।
वैश्विक जोखिमों पर नजर
सरकार ने Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्गों पर जोखिम का आकलन किया है।
उद्देश्य है:
सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना
ऊर्जा आयात में बाधा न आने देना
मजबूत होगी समुद्री सुरक्षा और रोजगार
भारत इस समय दुनिया के शीर्ष 3 समुद्री श्रमिक (seafarers) आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है, जो वैश्विक workforce का करीब 12% है।
सरकार का लक्ष्य इसे 2030 तक 20% तक बढ़ाने का है।
शिपिंग सेक्टर में बड़ा निवेश
घरेलू क्षमता में तेजी से वृद्धि
वैश्विक जोखिमों के बीच आत्मनिर्भरता पर जोर
भारत अब वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ एक मजबूत और आत्मनिर्भर समुद्री इकोसिस्टम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
