नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर रही है। दिल्ली दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात प्रस्तावित है। हालांकि, इन बैठकों में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शाह और नबीन से बैठक का कार्यक्रम
योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के बाद दिल्ली में उनके अमित शाह और नितिन नबीन से मिलने का कार्यक्रम है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दे रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर भी रहे थे, जहां संगठन की तैयारियों और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा की गई थी।
इन बैठकों के एजेंडे को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। इसलिए बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों या सरकार और संगठन से जुड़े किन विषयों पर चर्चा होगी, इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
मेरठ में योगी और नितिन नबीन ने की थी संगठन की समीक्षा
योगी आदित्यनाथ और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की इससे पहले 21 सितंबर को मेरठ में मुलाकात हुई थी। इस दौरान पार्टी के संगठन की बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी सीधे संवाद किया था। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ जमीनी स्तर से मिले फीडबैक पर भी चर्चा हुई थी।
नितिन नबीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे को बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा गया। पार्टी की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ नेताओं के दौरे किए जा रहे हैं।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के अगले दिन दिल्ली दौरा
योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के उद्घाटन के एक दिन बाद हुआ है। 25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पांच दिवसीय यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक चल रहा है।
ट्रेड शो के दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश के कारोबारी प्रतिनिधियों और खरीदारों की भागीदारी हो रही है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के अनुसार, आयोजन में 1,000 से अधिक भारतीय विक्रेताओं और 600 से ज्यादा विदेशी खरीदारों के बीच व्यापारिक संपर्क बनाने की योजना है।
विदेशी कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता
ट्रेड शो के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस, वियतनाम, बेलारूस, जापान और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और कंपनियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश में निवेश के संभावित अवसरों पर चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, एविएशन, मेडिकल डिवाइस, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को सामने रखा गया।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्देश्य राज्य के उत्पादों, उद्यमियों, निर्यातकों और एमएसएमई को देश-विदेश के बाजारों से जोड़ना है। इस साल आयोजन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने और व्यापारिक संपर्कों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
चुनाव से पहले संगठन पर बीजेपी का फोकस
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी संगठन की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। बूथ स्तर पर सक्रियता, शक्ति केंद्रों की भूमिका, मंडल और जिला इकाइयों के बीच समन्वय तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद इन गतिविधियों का हिस्सा हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और नितिन नबीन के साथ प्रस्तावित बैठकों को उत्तर प्रदेश में चल रही सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इन बैठकों में किन विषयों पर निर्णय या चर्चा हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी आधिकारिक बयानों के बाद ही सामने आएगी।
‘सेवा संकल्प अभियान’ भी जारी
बीजेपी उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तहत लाभार्थियों से संपर्क, सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां और युवाओं की भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और इस अभियान को भी जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है।
आगे की बैठकों पर रहेगी नजर
योगी आदित्यनाथ की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और बीजेपी संगठन दोनों स्तरों पर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गतिविधियां तेज हैं। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद अमित शाह और नितिन नबीन के साथ होने वाली बैठकों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें किन विषयों पर चर्चा हुई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली दौरे में शीर्ष नेतृत्व के साथ संवाद और उत्तर प्रदेश से जुड़े संगठनात्मक एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की संभावना है, लेकिन बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

