नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब देशभर में कफ सिरप समेत विभिन्न प्रकार की औषधीय सिरप दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदी जा सकेंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, इन दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
इस फैसले के बाद मरीजों को किसी भी प्रकार की औषधीय सिरप खरीदने के लिए पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी वैध पर्ची दिखानी होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
9 जून 2026 की अधिसूचना से लागू हुए नए नियम
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 जून 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में जारी मसौदा प्रस्ताव पर प्राप्त जन सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।
नई अधिसूचना के तहत सरकार ने ड्रग्स रूल्स के शेड्यूल-K में शामिल दवाओं की सूची से “सिरप” शब्द को हटा दिया है। इस बदलाव के साथ ही सिरप श्रेणी की दवाएं अब OTC बिक्री के दायरे से बाहर हो गई हैं और इनके लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य कर दिया गया है।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत लिया गया फैसला
सरकार ने यह संशोधन ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए किया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इन नियमों को ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 कहा जाएगा और यह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी हो गए हैं।
कफ सिरप से जुड़ी मौतों के बाद बढ़ी चिंता
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ महीनों में दूषित कफ सिरप को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत कथित तौर पर संदूषित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी बताई गई थी।
इन घटनाओं ने देशभर में दवा निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संगठनों ने सिरप आधारित दवाओं पर कड़ी निगरानी और सख्त नियम लागू करने की मांग की थी।
मरीजों और फार्मेसियों पर क्या पड़ेगा असर?
नए नियम लागू होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति सीधे मेडिकल स्टोर से कफ सिरप या अन्य औषधीय सिरप नहीं खरीद सकेगा। इसके लिए पहले डॉक्टर से परामर्श लेना होगा और उनकी लिखित पर्ची प्रस्तुत करनी होगी।
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो सामान्य सर्दी, खांसी या बुखार जैसी समस्याओं में बिना डॉक्टर की सलाह के सिरप खरीद लेते थे। अब उन्हें पहले चिकित्सकीय जांच करानी होगी।
वहीं मेडिकल स्टोर संचालकों को भी दवाओं की बिक्री से पहले प्रिस्क्रिप्शन की जांच करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
दवा सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकता है। कई बार बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। ऐसे में डॉक्टर की निगरानी में दवा का उपयोग अधिक सुरक्षित माना जाता है।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना है। साथ ही नकली, मिलावटी और अनुचित तरीके से बेची जाने वाली सिरप दवाओं पर नियंत्रण स्थापित करना भी इसका अहम लक्ष्य है।
केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद अब कफ सिरप और अन्य औषधीय सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा। OTC बिक्री पर रोक लगने से दवा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।