नई दिल्ली. बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच बड़ा टकराव देखने को मिला। मामला उन तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिन्हें 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस प्रदर्शन’ के संबंध में गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली पुलिस की टीम अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) एकांश कपिल द्वारा दिए गए ट्रांजिट रिमांड के आधार पर आरोपियों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से गुजर रही थी, तभी शिमला पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया।
हालांकि, शिमला पुलिस ने आरोप लगाया कि सौरव, अरबाज़ और सिद्धार्थ को दिल्ली पुलिस जबरन ले जा रही थी। उसने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस टीम ने जिस रिजॉर्ट में आरोपी ठहरे थे, वहां से सीसीटीवी के डीवीआर बिना किसी रसीद या मेमो के अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद दोनों पुलिस टीमों के बीच टकराव की स्थिति बन गई और काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
करीब 24 घंटे चले इस गतिरोध के बाद दिल्ली पुलिस को तीनों आरोपियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी लौटने की अनुमति मिली।
जानिए पूरे घटनाक्रम की 10 बड़ी बातें
यह टकराव तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर जा रही थी और शिमला पुलिस ने उन्हें रोक लिया। शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया और उनके वाहनों को भी रोक लिया।
देर रात शिमला के दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद टीम ने यात्रा फिर शुरू की, लेकिन कनलोग में उन्हें दोबारा रोक लिया गया।
शिमला पुलिस ने कहा कि केवल तीन दिल्ली पुलिसकर्मी ही आरोपियों को राजधानी ले जा सकते हैं, बाकी को अपहरण मामले की जांच में सहयोग के लिए शिमला में रुकना होगा।
दिल्ली पुलिस से जब्त किए गए डीवीआर सौंपने को भी कहा गया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अपने किसी भी कर्मी को पीछे छोड़ने से इनकार कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन शोगी बॉर्डर पर फिर से उन्हें रोक लिया गया।
जिस वाहन में डिजिटल सबूत रखे गए थे, उसे भी शिमला पुलिस ने बैरिकेड कर दिया और चाबियां सौंपने की मांग की, जिसे दिल्ली पुलिस ने ठुकरा दिया।
शिमला पुलिस ने बयान जारी कर कहा, “रुहड़ू के एक रिजॉर्ट में ठहरे तीन लोगों को जबरन ले जाने और सीसीटीवी उपकरण बिना रसीद के ले जाने के आरोप में सादे कपड़ों में आए 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।”
इस पूरे टकराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक दिल्ली पुलिस अधिकारी कहते दिख रहे हैं, “हमें आज सुबह 5 बजे गिरफ्तार आरोपियों को 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश करना है, और आपने रात 8 बजे एफआईआर दर्ज कर हमें रोक दिया।”
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे पर कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसे देश की छवि खराब करने वालों को संरक्षण देना बताते हुए ‘शर्मनाक’ कहा।
‘शर्टलेस प्रदर्शन’ 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुआ था, जिसका नेतृत्व इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया। दिल्ली पुलिस अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं।
