नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में मौसम ने करवट ले ली है और शुक्रवार तक क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ लंबा बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हो रहा है।
गर्मी से राहत, तापमान में गिरावट के संकेत
मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। जून के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम है।
येलो अलर्ट जारी, तेज हवाओं की चेतावनी
आईएमडी ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
आने वाले दिनों में भी बादलों का डेरा
मौसम विभाग ने बताया कि आसमान में अगले कुछ दिनों तक आंशिक से लेकर घने बादल छाए रहेंगे। हालांकि शनिवार के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन मौसम का यह पैटर्न जारी रहने की संभावना है।
प्री-मानसून गतिविधियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बारिश सामान्य प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो जून के दौरान उत्तर भारत में आम तौर पर देखने को मिलती हैं। यह मौसम पैटर्न अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम से भी प्रभावित है।
दिल्ली का तापमान सामान्य से नीचे
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
केरल में मानसून की दस्तक की तैयारी
दूसरी ओर, दक्षिण भारत में मानसून के जल्द पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में गुरुवार तक दस्तक दे सकता है, जो देश के चार महीने लंबे वर्षा ऋतु की शुरुआत होगी।
देशभर में बारिश का विस्तार
आईएमडी के अनुसार केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। दक्षिण, पूर्व, उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण व्यापक वर्षा के आसार बने हुए हैं।
कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अहम मौसम
मानसून की प्रगति पर पूरे देश की नजर है क्योंकि यह कृषि, जल संसाधन और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर डालता है। उत्तर भारत में जहां प्री-मानसून बारिश जारी है, वहीं दक्षिण भारत में मानसून के आगमन से मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

