नई दिल्ली. विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट की प्रक्रिया जल्द आसान हो सकती है। सरकार घरेलू उड़ानों में इस्तेमाल हो रहे Digi Yatra सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि एयरपोर्ट पर ट्रायल किए जाने की योजना है। शुरुआती चरण में दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यह सुविधा पहले शुरू होने की संभावना बताई गई है।
इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए कैसे काम करेगा Digi Yatra?
घरेलू उड़ानों में Digi Yatra के लिए आधार आधारित पहचान का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए ई-पासपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। यात्री अपने ई-पासपोर्ट के पहले पेज को स्कैन करेगा। इसके बाद मोबाइल फोन के NFC फीचर की मदद से पासपोर्ट में लगी चिप को पढ़ा जाएगा।
पासपोर्ट की चिप में मौजूद फोटो का यात्री की सेल्फी से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद यात्री का डिजिटल क्रेडेंशियल तैयार होगा, जिसका इस्तेमाल एयरपोर्ट के अलग-अलग निर्धारित टचपॉइंट पर पहचान सत्यापन के लिए किया जा सकेगा।
शुरुआत में कहां मिलेगी सुविधा?
अंतरराष्ट्रीय Digi Yatra का शुरुआती ट्रायल इन पांच एयरपोर्ट पर प्रस्तावित है:
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि।
पहले चरण में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से टर्मिनल एंट्री, सिक्योरिटी चेक और संभावित रूप से बोर्डिंग गेट जैसे स्थानों पर किया जाएगा। हालांकि, इमिग्रेशन प्रक्रिया को शुरुआती चरण में Digi Yatra से नहीं जोड़ा जाएगा। यात्रियों की इमिग्रेशन और इमिग्रेशन जांच पहले की तरह जारी रहने की बात सामने आई है।
क्या एयरपोर्ट पर पासपोर्ट दिखाने की जरूरत खत्म हो जाएगी?
इस सुविधा का उद्देश्य एयरपोर्ट के कुछ चरणों में बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत कम करना है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा में पासपोर्ट एक जरूरी यात्रा दस्तावेज बना रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट एंट्री पर पासपोर्ट दिखाने की मौजूदा अनिवार्यता से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव की जरूरत होगी। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि हर चरण पर पासपोर्ट दिखाना पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
1.73 करोड़ से ज्यादा ई-पासपोर्ट जारी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 तक देश में 1,73,16,144 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके थे। अंतरराष्ट्रीय Digi Yatra सिस्टम इन्हीं ई-पासपोर्ट में मौजूद डिजिटल और बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल करेगा।
सिस्टम को लागू करने से पहले सॉफ्टवेयर अपग्रेड, सुरक्षा जांच और जरूरी तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके बाद ट्रायल के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।
घरेलू यात्रियों के लिए पहले से उपलब्ध है Digi Yatra
Digi Yatra का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के यात्रियों के लिए पहले से किया जा रहा है। मई 2026 तक यह सुविधा देश के 38 एयरपोर्ट पर 10 करोड़ से अधिक यात्राओं में इस्तेमाल हो चुकी थी।
अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए इसका विस्तार होने पर एयरपोर्ट पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। हालांकि, इमिग्रेशन जैसे संवेदनशील चरणों को इससे जोड़ने का काम आगे के चरणों में किए जाने की बात कही गई है।

