नई दिल्ली : Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने भारत की सैन्य क्षमता को नई ऊंचाई देते हुए अत्याधुनिक एडवांस्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (Tracked और Wheeled) पेश किए हैं। इनका अनावरण महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित संस्थान में DRDO के चेयरमैन डॉ. Samir V Kamat ने किया।
ये प्लेटफॉर्म भारतीय सशस्त्र बलों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
हाईटेक टर्रेट और जबरदस्त मोबिलिटी
इन प्लेटफॉर्म्स में स्वदेशी रूप से विकसित 30mm क्रू-लेस टर्रेट लगाया गया है, जो बेहतर फायरपावर और सुरक्षा प्रदान करता है।
हाई-पावर इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन
बेहतर स्पीड और बाधाओं को पार करने की क्षमता
STANAG लेवल 4 और 5 तक सुरक्षा
इसके अलावा, इन वाहनों में मॉड्यूलर ब्लास्ट और बैलिस्टिक प्रोटेक्शन भी दिया गया है।
पानी में भी दमदार प्रदर्शन
इन आर्मर्ड प्लेटफॉर्म्स को एम्फीबियस (पानी में चलने योग्य) बनाया गया है। हाइड्रो जेट तकनीक के जरिए ये पानी में भी आसानी से मूव कर सकते हैं, जिससे ऑपरेशन के दौरान लचीलापन बढ़ता है।
मल्टी-रोल हथियार प्रणाली
30mm टर्रेट के साथ 7.62mm PKT गन और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) लॉन्च करने की क्षमता दी गई है।
ये प्लेटफॉर्म्स अलग-अलग मिशन के लिए कॉन्फ़िगर किए जा सकते हैं, जिससे सेना को रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा
फिलहाल इन प्लेटफॉर्म्स में 65% स्वदेशी योगदान है, जिसे जल्द बढ़ाकर 90% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती देगा।
ADC-150: DRDO और नौसेना की बड़ी सफलता
हाल ही में DRDO और Indian Navy ने मिलकर ‘ADC-150’ एयर ड्रॉपेबल कंटेनर सिस्टम का सफल परीक्षण किया।
150 किलोग्राम तक का पेलोड पहुंचाने में सक्षम
Boeing P-8I विमान से सफल ट्रायल
गोवा तट के पास कठिन परिस्थितियों में परीक्षण
यह सिस्टम संकट में फंसे नौसैनिक जहाजों तक जरूरी सामान पहुंचाने में मदद करेगा।
मुख्य बातें
DRDO ने नए आर्मर्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किए
30mm क्रू-लेस टर्रेट और ATGM से लैस
पानी और जमीन दोनों पर ऑपरेशन में सक्षम
स्वदेशी तकनीक को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
ADC-150 सिस्टम से नौसेना की ताकत बढ़ी
