नई दिल्ली: देश में खेती को आधुनिक और अधिक उत्पादक बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार कृषि मशीनीकरण (Agricultural Mechanisation) को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में सरकार ने Sub-Mission on Agricultural Mechanisation (SMAM) के तहत अब तक देशभर के किसानों को लगभग 22 लाख कृषि मशीनों का वितरण किया है। इन मशीनों की कुल कीमत 9,404 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि उपकरण पहुंचाकर खेती को आसान, तेज और अधिक लाभदायक बनाना है।
2014-15 में शुरू हुई थी योजना
कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 2014-15 में Sub-Mission on Agricultural Mechanisation (SMAM) की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे खेती की लागत कम होती है, समय की बचत होती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
खेती के हर चरण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
सरकार के अनुसार, इस मिशन के तहत खेती के पूरे चक्र में आधुनिक मशीनों और तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें खेत की तैयारी, बुवाई, सिंचाई, फसल सुरक्षा, कटाई और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं (Post-Harvest Management) के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों का श्रम कम होने के साथ-साथ खेती अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बन रही है।
पूर्वोत्तर और पिछड़े राज्यों पर विशेष ध्यान
सरकार ने इस योजना में उन राज्यों को विशेष प्राथमिकता दी है, जहां अब तक कृषि मशीनों और आधुनिक तकनीकों की पहुंच सीमित रही है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों (North Eastern States) और अन्य कम विकसित क्षेत्रों में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी किसानों को समान अवसर मिल सके।
ड्रोन तकनीक से भी बदल रही खेती
सरकार Precision Agriculture को बढ़ावा देने के लिए कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का भी तेजी से विस्तार कर रही है। इसके तहत अब तक देशभर में करीब 41 हजार ड्रोन डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के लिए सरकार ने 52 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई है। ड्रोन की मदद से फसलों की निगरानी, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव अधिक सटीक और कम लागत में किया जा सकता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
केंद्र सरकार का मानना है कि कृषि मशीनीकरण से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय में सुधार होगा। आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

