नई दिल्ली: भारत में तेजी से बढ़ती सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के बीच नीति आयोग ने देश के देखभाल करने वाले कार्यबल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट का नाम ‘रीइमेजिनिंग केयर: स्ट्रैटेजीज़ फॉर एम्पावरिंग केयरगिवर्स इन विकसित भारत@2047’ है। भारत में एक व्यापक और मजबूत देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की रणनीति पर जोर दिया गया है। नीति आयोग के अनुसार, देखभाल को मजबूत करना न केवल समावेशी विकास और सामाजिक विकास के लिए जरूरी है, बल्कि भारत के कुशल देखभाल पेशेवरों के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने से मंदी भी बढ़ सकती है।
Caregiving को बनाया गया सामाजिक विकास का अहम आधार
NITI Aayog की रिपोर्ट में caregiving को देश के दीर्घकालिक विकास और सामाजिक कल्याण से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया है। रिपोर्ट का लक्ष्य ऐसा comprehensive caregiving ecosystem तैयार करना है, जिसमें देखभाल से जुड़े काम को अधिक व्यवस्थित, कुशल और सम्मानजनक बनाया जा सके।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि caregiving को केवल स्वास्थ्य सेवाओं या medical treatment तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगों और अन्य जरूरतमंद लोगों की देखभाल के लिए एक व्यापक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, जिसमें trained caregivers की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
Care और Treatment में अंतर समझना जरूरी
रिपोर्ट जारी करने के अवसर पर NITI Aayog के Vice Chairperson डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने caregiving की व्यापक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के जरिए NITI Aayog भारत के long-term growth और social cohesion के केंद्र में मौजूद एक strategic imperative को संबोधित कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फोकस केवल medical treatment पर नहीं बल्कि caregiving पर है। उनके अनुसार, care का दायरा treatment से कहीं अधिक व्यापक है। किसी व्यक्ति की जरूरतों को समझना, उसकी रोजमर्रा की जिंदगी में सहायता करना और उसकी overall well-being सुनिश्चित करना caregiving का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Skilled Caregivers के लिए बढ़ेंगे अवसर
रिपोर्ट में भारत में skilled caregiving professionals की क्षमता को विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बदलती जनसंख्या संरचना और देखभाल की बढ़ती जरूरतों के बीच trained caregivers की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में caregiving sector में skill development और professional training को मजबूत करने से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
NITI Aayog की रिपोर्ट का उद्देश्य caregiving को एक व्यवस्थित workforce के रूप में विकसित करना है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बेहतर training, skills और career opportunities मिल सकें। इसके साथ ही caregiving services की quality और accessibility को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
Viksit Bharat@2047 के लक्ष्य से जुड़ी पहल
Reimagining Care रिपोर्ट को Viksit Bharat@2047 के व्यापक विजन से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य ऐसा भारत तैयार करना है, जहां economic development के साथ social development और inclusive growth को भी समान महत्व मिले।
रिपोर्ट में caregiving ecosystem को सामाजिक विकास का एक अहम pillar मानते हुए इस क्षेत्र को अधिक संगठित और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई है। इससे न केवल care services को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है, बल्कि caregiving workforce के लिए रोजगार और professional growth के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
WHO, UNICEF और World Bank समेत कई संस्थाओं की मौजूदगी
रिपोर्ट का विमोचन NITI Aayog के Vice Chairperson, Member डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम और Chief Executive Officer निधि छिब्बर ने किया। इस अवसर पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कई international organisations के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें World Health Organization (WHO), UNICEF, World Bank, UN Women और International Labour Organization (ILO) समेत अन्य caregiver organisations के प्रतिनिधि शामिल थे। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की मौजूदगी से caregiving sector को लेकर भारत की पहल के वैश्विक महत्व को भी रेखांकित किया गया।
भारत के लिए Global Caregiving Hub बनने का अवसर
NITI Aayog की रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब दुनिया के कई देशों में skilled caregivers की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत के पास अपने large workforce और skill development potential के आधार पर caregiving professionals को तैयार करने और उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ने की संभावना है।
एक मजबूत caregiving ecosystem तैयार होने से भारत में care services की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। साथ ही, skilled caregiving professionals की training और certification को मजबूत करके भारत इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका बढ़ा सकता है।
Caregiving Sector को मजबूत करने पर जोर
Reimagining Care: Strategies for Empowering Caregivers in Viksit Bharat@2047 रिपोर्ट के जरिए NITI Aayog ने caregiving को भारत के inclusive growth और social development के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने रखा है। रिपोर्ट का व्यापक उद्देश्य caregiving को अधिक professional, skilled और sustainable बनाना है।
NITI Aayog की यह पहल भारत में caregiving workforce को मजबूत करने के साथ-साथ care को केवल treatment के दायरे से बाहर एक व्यापक सामाजिक जरूरत के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर training, रोजगार के अवसर और मजबूत caregiving infrastructure भारत के Viksit Bharat@2047 के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

