नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच भारत सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी पैनल (Inter-Ministerial Panel) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस संकट के हर पहलू पर करीबी नजर बनाए हुए है और भारतीयों की सुरक्षा तथा देशहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में वेस्ट एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ऊर्जा आपूर्ति, जरूरी सामान और सप्लाई चेन पर हुई समीक्षा
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर, देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मजबूती और भारत की सप्लाई चेन की स्थिति की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा,
“सरकार द्वारा उठाए जा रहे सभी उपायों पर गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय जनता को इस संघर्ष के प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।”
वेस्ट एशिया संकट की निगरानी के लिए बना अंतर-मंत्रालयी पैनल
वेस्ट एशिया संकट से निपटने और हालात की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी पैनल का गठन किया है। इस पैनल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा हरदीप सिंह पुरी, जितेंद्र सिंह, राम मोहन नायडू और किरण रिजिजू शामिल हैं।
यह पैनल ऐसे समय में बनाया गया है, जब क्षेत्रीय संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार और आपूर्ति तंत्र पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की थी बैठक
इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने वेस्ट एशिया संकट से निपटने के लिए ‘टीम इंडिया’ के रूप में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने साफ किया कि संकट के समय आम लोगों को राहत देना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने राज्यों से बायोफ्यूल, सौर ऊर्जा, गोबरधन योजना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की अपील भी की। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विविधता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
अफवाहों और गलत सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील
पीएम मोदी ने इस दौरान अफवाहों और फेक न्यूज को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों तक केवल सटीक और विश्वसनीय जानकारी ही पहुंचे, ताकि किसी तरह की घबराहट या भ्रम की स्थिति न बने।
सरकार का संदेश साफ- हालात पर पूरी नजर
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार का संदेश साफ है कि भारत न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है, बल्कि देश के भीतर ऊर्जा, व्यापार, आपूर्ति और जनहित से जुड़े हर पहलू पर भी सक्रियता से काम कर रहा है।
