नई दिल्ली. देश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं मिले हैं, वे अब Form 6 भरकर दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग (ECI) ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत व्यक्ति का नाम अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो Form 6 जमा करना गलत घोषणा नहीं माना जाएगा। इसके लिए उसके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई भी नहीं की जाएगी।
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को भेजा पत्र
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र भेजकर इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि SIR के दौरान या इसके बाद Form 6 जमा करने मात्र से किसी मतदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।
हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तों का पालन जरूरी होगा। आवेदन करने वाला व्यक्ति किसी दूसरी लोकसभा या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत नहीं होना चाहिए। साथ ही, Form 6 में दी गई जानकारी और घोषणा कानून के अनुरूप होनी चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला
आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में पिछले महीने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया है। इसी के आधार पर पहले से पंजीकृत मतदाताओं को Form 6 जमा करने के मामले में राहत दी गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता का नाम SIR के दौरान तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं मिलता है, तो वह Form 6 के माध्यम से नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है। केवल इस आधार पर कि वह पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत था, उसके खिलाफ गलत घोषणा का मामला नहीं बनाया जाएगा।
स्थानीय भाषाओं में प्रचार करने के निर्देश
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस स्पष्टीकरण का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया है। इसके लिए स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध मीडिया माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है, ताकि मतदाताओं तक सही जानकारी पहुंच सके।
इस कदम का उद्देश्य SIR के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने से परेशान लोगों की शंकाएं दूर करना और उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया की जानकारी देना है।
