नई दिल्ली. नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी Flash Flood ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में 160 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि शायद भूकंप के कारण अचानक बाढ़ आई, लेकिन United States Geological Survey (USGS) के मुताबिक इस तबाही की वजह भूकंप नहीं बल्कि Glacial Collapse और Debris Flow थी।
USGS ने साफ किया- भूकंप नहीं था कारण
USGS ने गुरुवार को बताया कि नेपाल और चीन की सीमा के पास सुबह करीब 8:37 बजे एक Seismic Event दर्ज किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट में इसे 4.4 Magnitude का Earthquake बताया गया था। बाद में आसपास के Seismic Stations से मिले डेटा, Long Period Seismic Waves और Satellite Imagery के विश्लेषण के बाद स्थिति स्पष्ट हुई।
USGS के अनुसार यह घटना वास्तव में Glacial Collapse और Debris Flow थी। इसके बाद नीचे की ओर पानी और मलबे के तेज बहाव ने भयावह स्थिति पैदा कर दी। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस घटना के पीछे कोई भूकंप नहीं था।
नेपाल में क्यों ज्यादा रहता है GLOF का खतरा?
नेपाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) के लिहाज से संवेदनशील देशों में शामिल है। GLOF उस स्थिति को कहा जाता है जब ग्लेशियर से जुड़े किसी झील में जमा पानी अचानक बड़ी मात्रा में बाहर निकल जाता है।
पहाड़ी इलाकों में नदियां और जलधाराएं कई जगह काफी संकरी होती हैं। ऐसे में यदि भूस्खलन या मलबे के कारण पानी का रास्ता रुक जाए तो थोड़े समय में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो सकता है। इसके बाद जब यह अवरोध टूटता है तो पानी बेहद तेज रफ्तार से नीचे की ओर बहता है और Flash Flood जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
Climate Change को भी माना जा रहा है अहम वजह
वैज्ञानिकों के मुताबिक Himalayas में बढ़ते तापमान और Climate Change से ग्लेशियरों के पीछे हटने और Permafrost में कमी जैसे बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इन परिस्थितियों से Landslide और Glacial Outburst Flood जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, University of Reading की शोधकर्ता Dorothy Heinrich ने कहा है कि किसी एक घटना को सीधे Climate Change से जोड़ने के लिए Event Attribution Study की जरूरत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में बदलते पर्यावरणीय हालात ऐसी आपदाओं के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
नेपाल में बड़े पैमाने पर Rescue Operation जारी
भयानक Flash Flood के बाद नेपाल में बड़े स्तर पर Search and Rescue Operation चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री Balen Shah ने High-Level Meeting की अध्यक्षता कर हालात की समीक्षा की और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सरकार के मुताबिक बाढ़ के तेज बहाव में 19 Motorable Bridges बह गए हैं। करीब 80 Security Personnel भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 44 Nepal Army के जवान शामिल हैं।
Hydropower Projects को भी भारी नुकसान
बाढ़ से नेपाल के Infrastructure को भी बड़ा नुकसान हुआ है। जानकारी के मुताबिक आठ Operational Hydropower Projects प्रभावित हुए हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 354 MW है। इसके अलावा Nuwakot और Rasuwa जिलों में निर्माणाधीन पांच Hydropower Projects को भी नुकसान पहुंचा है।
300 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की जानकारी
नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने गुरुवार को बताया कि बुधवार की Flash Flood के बाद 300 से ज्यादा भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस आपदा में अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की खबर है और हिमालयी देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने तथा लापता लोगों की तलाश करने में जुटा है।
